
बीजिंग। चीनी वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, 2025 में राष्ट्रपति की कूटनीतिक दृष्टि से प्रेरित होकर चीन और मध्य एशियाई देशों के बीच आर्थिक-व्यापारिक रिश्ते नई ऊंचाइयों पर पहुंच गए। पहली बार चीन इस क्षेत्र का सबसे प्रमुख व्यापारिक भागीदार बन गया है।
सीमा शुल्क आंकड़ों के मुताबिक, दोनों पक्षों के बीच वस्तुओं का कुल व्यापार 106.3 अरब डॉलर तक पहुंचा, जो 2024 से 12 प्रतिशत अधिक है। विकास गति में 6 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। पांच सालों से लगातार प्रगति जारी है और पहली बार 100 अरब डॉलर का आंकड़ा पार किया गया।
चीन का मध्य एशिया को निर्यात 71.2 अरब डॉलर रहा, जो 11 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। मशीनरी, इलेक्ट्रॉनिक्स और हाई-टेक उत्पादों की डिमांड में जबरदस्त उछाल आया। वहीं, आयात 35.1 अरब डॉलर पर पहुंचा, 14 प्रतिशत की तेज रफ्तार के साथ। रसायन, स्टील और कृषि वस्तुओं ने विविधता प्रदान की।
नए व्यापार मॉडल अर्थव्यवस्थाओं को गति दे रहे हैं। सीमा पार ई-कॉमर्स में तेजी बनी हुई है, लॉजिस्टिक्स और भुगतान व्यवस्था मजबूत हुई। नानजिंग में चीन-मध्य एशिया व्यापार मंच शुरू हुआ, जो सिल्क रोड ई-कॉमर्स को आसान बना रहा है।
बेल्ट एंड रोड पहल से निवेश-व्यापार एकीकृत हो रहा। उपकरण निर्माण, हरित खनन और आधुनिक कृषि में बड़े प्रोजेक्ट तेजी से आगे बढ़ रहे। ये न केवल निर्यात बढ़ा रहे, बल्कि मध्य एशिया के औद्योगिक विकास में योगदान दे रहे हैं।
यह साझेदारी दोनों क्षेत्रों के लिए समृद्धि का मार्ग प्रशस्त कर रही, वैश्विक मंच पर एक मिसाल कायम करते हुए।