
बीजिंग। चीन ने यूरोपीय संघ से आने वाले डेयरी उत्पादों पर कड़ा रुख अपनाते हुए सब्सिडी विरोधी शुल्क लगाने का ऐलान किया है। यह शुल्क 13 फरवरी 2026 से लागू होगा और पांच वर्ष तक चलेगा। वाणिज्य मंत्रालय की जांच ने यूरोपीय सब्सिडी को जिम्मेदार ठहराया है, जिसने चीनी डेयरी उद्योग को गहरा नुकसान पहुंचाया।
जांच अगस्त 2024 में शुरू हुई थी। प्रारंभिक निष्कर्षों ने स्पष्ट किया कि यूरोपीय उत्पादों को अनुचित सब्सिडी मिल रही थी, जिससे स्थानीय बाजार में कीमतें गिरीं और उत्पादक परेशान हुए। अंतिम फैसले ने इसकी पुष्टि की।
घरेलू उद्योग के लिए यह राहत है। लाखों किसानों और कारखानों को संकट से उबारने वाला कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे स्थानीय उत्पादन मजबूत होगा और आयात पर निर्भरता कम होगी।
यूरोपीय संघ को अब अपनी रणनीति बदलनी पड़ेगी। चीन का बाजार उसके लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन अनुचित लाभ अब बंद। वैश्विक व्यापार में यह संदेश साफ है कि सब्सिडी आधारित डंपिंग बर्दाश्त नहीं।
उपभोक्ताओं पर असर सीमित रहेगा, जबकि उद्योग को लंबे समय में फायदा होगा। यह कदम चीन की व्यापार नीति की मजबूती दर्शाता है।