
वॉशिंगटन में अमेरिकी सांसदों ने चीन से जुड़े ऑनलाइन धोखाधड़ी के नेटवर्क पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इन स्कैम ने मेहनतकश अमेरिकी परिवारों से अरबों डॉलर हड़प लिए हैं। सीनेट एजिंग कमेटी की सुनवाई में दोनों दलों के नेताओं ने क्रिप्टोकरेंसी, मानव तस्करी और विदेशी स्कैम सेंटर्स से जुड़े फ्रॉड रोकने के लिए सख्त कानून की मांग की।
कमेटी चेयरमैन रिक स्कॉट ने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों को निशाना बनाने वाले ये धोखे दशकों की जमा-पूंजी नष्ट कर रहे हैं और पूरे देश में घर उजाड़ रहे हैं। उन्होंने बीजिंग पर अपराधी ढांचे को पनपने देने का इल्जाम लगाया। कम्युनिस्ट चीन वैश्विक स्कैम उद्योग का केंद्र बन चुका है, जो अमेरिकी बचत को चूसता है और परिवारों को बर्बाद करता है।
स्कॉट के अनुसार, एफबीआई डेटा बताता है कि 2024 में बुजुर्गों ने 4.8 अरब डॉलर से अधिक गंवा दिए। कई सेवानिवृत्त लोग इनके शिकार हुए, जिनकी जिंदगी तबाह हो गई। कमेटी की ‘एज ऑफ फ्रॉड’ रिपोर्ट में सुनियोजित साजिशें उजागर हुईं, जिनमें चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की भूमिका संदिग्ध है।
ये नेटवर्क चीनी प्लेटफॉर्म और भुगतान माध्यमों पर निर्भर हैं। म्यांमार, कंबोडिया, लाओस जैसे इलाकों में स्कैम कंपाउंड चलते हैं, जहां तस्करी के जरिए लाए गए मजदूरों को अमेरिकियों को ठगने के लिए मजबूर किया जाता है। रैंकिंग मेंबर कर्स्टन गिलिब्रैंड ने नई तकनीक और क्रिप्टो के दुरुपयोग पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इससे रिटायरमेंट प्लान बिगड़ते हैं, परिवार विखर जाते हैं।
पीड़ित अक्सर शर्मिंदगी से रिपोर्ट नहीं करते। एशियाई आप्रवासियों को भाषा और पारिवारिक रिश्तों के कारण आसानी से फंसाया जाता है। सांसद गार्ड एक्ट के जरिए सजाएं कड़ी करने और कानूनी हथियार मजबूत करने पर जोर दे रहे हैं। गवाहों ने बताया कि चीन के नेटवर्क वैश्विक फ्रॉड में अहम हैं।
फाउंडेशन फॉर डिफेंस ऑफ डेमोक्रेसीज के नाथन पिकारसिक ने इसे सामाजिक एकजुटता पर हमला बताया। एएआरपी की कैथी स्टोक्स ने 2024 में 196 अरब डॉलर की चोरी का अनुमान लगाया, जिसमें सीनियर्स के 81 अरब शामिल। पीड़ितों को चोरी के पैसे पर टैक्स का बोझ भी सहना पड़ता है। जीएओ अधिकारी ने संघीय स्तर पर रणनीति की कमी पर सवाल उठाए।
स्कैम अब डिजिटल भुगतान, सोशल मीडिया और निवेश साइट्स पर फैल चुके हैं, जहां अपराधी जल्दबाजी, नकली पहचान और भावनात्मक चालाकी से हमला करते हैं। सांसदों ने इसे रोकने के लिए तत्काल कदम उठाने का संकल्प लिया है।