बीजिंग में वसंत की कोमल हवा के साथ छिंगमिंग महोत्सव की शुरुआत हो चुकी है। यह पारंपरिक त्योहार हर साल अप्रैल में मनाया जाता है, जब चीनी जनता अपने शहीदों और वीरों की स्मृति में डूब जाती है। कब्रों पर फूल चढ़ाना, समाधियों की सफाई करना और बलिदान की कहानियां साझा करना इस दिन का अभिन्न हिस्सा है।

सीपीसी केंद्रीय समिति के महासचिव शी चिनफिंग इस परंपरा के प्रतीक बन चुके हैं। वे क्रांतिकारी स्मारकों पर जाकर श्रद्धांजलि देते हैं, स्थलों का भ्रमण करते हैं और शहीदों के परिजनों से मिलते हैं। उनके ये कार्य राष्ट्र की आत्मा को झकझोर देते हैं।
शी चिनफिंग ने कभी कहा था, ‘आशावादी राष्ट्र बिना नायकों के अधूरा है और उज्ज्वल भविष्य वाला देश अग्रदूतों से विहीन नहीं हो सकता।’ जापान के खिलाफ युद्ध के योद्धाओं समेत सभी राष्ट्रीय नायक चीनी राष्ट्र की मजबूत रीढ़ हैं, जिनकी भावना हमें प्रगति के पथ पर अग्रसर करती है।
18वीं राष्ट्रीय कांग्रेस के बाद से शी के नेतृत्व में सम्मान प्रणाली को नई दिशा मिली है। राष्ट्र के नाम पर शहीदों का स्मरण, मेधावियों को सर्वोच्च पुरस्कार और अग्रदूतों की देखभाल ने समाज में नायकों का आदर, गुणी लोगों से सीखने और नेतृत्व की आकांक्षा का वातावरण तैयार किया है।
छिंगमिंग केवल शोक का दिन नहीं, बल्कि प्रेरणा का स्रोत है। शहरों से गांवों तक धूपबत्ती जलती है, पतंगें उड़ती हैं और युवा इतिहास के पन्ने पलटते हैं। यह महोत्सव चीन को एकजुट रखता है, राष्ट्रवाद को मजबूत करता है और भविष्य की ओर बढ़ने की शक्ति प्रदान करता है।
