
संयुक्त राष्ट्र में चीन के स्थायी मिशन के कार्यवाहक प्रमुख सुन लेई ने सोमवार को महासचिव की प्राथमिकताओं पर ब्रिफिंग में महत्वपूर्ण बयान दिया। उन्होंने वैश्विक अस्थिरता के बीच संयुक्त राष्ट्र के नेतृत्व वाली बहुपक्षीय व्यवस्था के प्रति चीन की अटल प्रतिबद्धता जाहिर की।
सुन लेई ने कहा कि चीन विभिन्न देशों के साथ मिलकर शांति की रक्षा, विकास को गति देने और मानवजाति के साझा भविष्य की समुदाय निर्माण में सक्रिय है। आजの世界 उथल-पुथल भरा है और संयुक्त राष्ट्र को कठिन चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्थिति जटिल होने पर संयुक्त राष्ट्र की प्रतिष्ठा और केंद्रीय भूमिका की रक्षा और भी जरूरी हो जाती है। संयुक्त राष्ट्र चार्टर के उद्देश्यों व सिद्धांतों को अडिग रखना होगा।
संस्था के तीनों स्तंभों—शांति व सुरक्षा, विकास तथा मानवाधिकार—को संतुलित रूप से मजबूत किया जाए। ये एक-दूसरे के पूरक हैं, किसी की उपेक्षा बर्दाश्त नहीं।
वैश्विक दक्षिण के लिए विकास सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसे अंतरराष्ट्रीय एजेंडे के केंद्र में रखें। साथ ही वैश्विक शासन प्रणाली में सुधार आवश्यक है।
यह बयान उस समय आया जब भू-राजनीतिक तनाव चरम पर हैं। चीन का यह रुख विकासशील देशों के लिए राहत है, जो पश्चिमी एकतरफा कार्रवाइयों से परेशान हैं।
संयुक्त राष्ट्र में चीन की बढ़ती सक्रियता वैश्विक संतुलन बदल सकती है, खासकर शांति मिशनों और जलवायु समझौतों में। सुन लेई के शब्द वैश्विक एकजुटता की अपील हैं।