
चीन के व्यापारिक रेल मार्ग नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं। होहहोट कस्टम्स के अनुसार, 14वीं पंचवर्षीय योजना के दौर में भीतरी मंगोलिया के एरेनहॉट रेलवे पोर्ट—चीन-यूरोप रेलवे एक्सप्रेस के सेंट्रल रूट का प्रमुख द्वार—से 15,000 से अधिक मालगाड़ियां गुजरीं। इनके माध्यम से 1.65 करोड़ टन से ज्यादा माल का परिवहन सीमा शुल्क निगरानी में हुआ, जो यूरेशियाई कनेक्टिविटी में मील का पत्थर साबित हुआ।
एरेनहॉट, चीन-मंगोलिया के बीच सबसे बड़ा स्थलीय सीमा पोर्ट है और सेंट्रल रूट का एकमात्र प्रवेश-निकास बिंदु। यहां से संचालित मालगाड़ी लाइनों की संख्या 2021 में 54 से बढ़कर 2025 में 74 हो गई। ये गाड़ियां 10 से अधिक देशों के 70 से ज्यादा शहरों से जुड़ती हैं और चीन के 60 से अधिक शहरों तक पहुंचती हैं, जिससे एक व्यापक रसद नेटवर्क तैयार हुआ है जो आंतरिक और बाहरी दोनों स्तरों पर जुड़ा हुआ है।
यह सेंट्रल रूट सीमा-पार व्यापार का स्वर्णिम सेतु बन चुका है। चीनी सीमा शुल्क विभागों ने स्मार्ट कस्टम्स को मजबूत किया। गैर-आक्रामक निरीक्षण प्रौद्योगिकी से 24 घंटे पूर्व-पंजीकरण निकासी चैनल शुरू किया गया। व्यवसाय प्रसंस्करण मोड में नवाचार और क्लाउड सेवा इलेक्ट्रॉनिक प्लेटफॉर्म ने मालगाड़ियों की गति व दक्षता को नई बुलंदी दी।
वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं के बदलते परिदृश्य में एरेनहॉट की सफलता चीन की भूमिका को रेखांकित करती है। आने वाले समय में यह धमनी और मजबूत होगी, एशिया से यूरोप तक विकास को गति देगी।
