
बीजिंग। सीजीटीएन के वैश्विक सर्वेक्षण ने अमेरिका की ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति पर गहरी चिंता जताई है। 90.7 प्रतिशत लोगों ने अमेरिका की आलोचना की जो वैश्विक जिम्मेदारियों से मुंह मोड़कर वर्चस्व हासिल करने पर तुला है। इसे वर्चस्ववादी कूटनीति का प्रतीक बताया गया।
विश्व स्वास्थ्य संगठन और पेरिस समझौते से अमेरिका के हटने से विरोध बढ़ा है। 57.8 प्रतिशत का मानना है कि इससे सार्वजनिक स्वास्थ्य और जलवायु प्रयास प्रभावित होंगे।
डब्ल्यूएचओ को 260 मिलियन डॉलर बकाया है, 81.9 प्रतिशत ने तत्काल भुगतान की मांग की। 2026 से जलवायु, स्वास्थ्य, शिक्षा, संस्कृति, शरणार्थी और सतत विकास जैसे क्षेत्रों में अंतरराष्ट्रीय निकायों से अमेरिका दूर हो रहा।
83.4 प्रतिशत ने इसे ‘गैर-जिम्मेदार महाशक्ति’ कहा, जबकि 85.3 प्रतिशत ने नीति से अमेरिका की छवि खराब होने की बात कही। यह सर्वे वैश्विक सहयोग की जरूरत पर जोर देता है।