
नई दिल्ली में गुरुवार से ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्रियों की उच्चस्तरीय बैठक शुरू हो रही है, जिसकी अध्यक्षता भारत कर रहा है। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच यह आयोजन विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर इस बैठक की अगुवाई करेंगे। ब्रिक्स सदस्य राष्ट्रों के विदेश मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी इसमें शिरकत करेंगे। विभिन्न देशों के प्रतिनिधिमंडल राजधानी पहुंचना शुरू हो चुके हैं, जिससे कूटनीतिक गतिविधियों में रौनक बढ़ गई है।
भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत यह पहली प्रमुख मंत्रीस्तरीय बैठक है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह साल के अंत में प्रस्तावित ब्रिक्स नेताओं के शिखर सम्मेलन की रूपरेखा तैयार करेगी।
विदेश मंत्रालय की साप्ताहिक प्रेस वार्ता में दोहराया गया कि 14-15 मई को होने वाली इस दो दिवसीय बैठक में प्रमुख वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर विचार-विमर्श होगा। सदस्य देशों के बीच बहुपक्षीय सहयोग को मजबूत करना तथा बदलती वैश्विक व्यवस्था में सुधार मुख्य एजेंडे में शामिल हैं।
प्रत्येक देश अपने प्रतिनिधिमंडल का स्तर खुद निर्धारित करेगा। प्रतिनिधियों के आगमन पर विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी। शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी भेंटवार्ता का कार्यक्रम है।
हाल ही में भारत ने ब्रिक्स 2026 की अध्यक्षता के लिए लोगो और वेबसाइट लॉन्च की। थीम ‘मानवता पहले’ पर आधारित यह दृष्टिकोण पीएम मोदी ने रियो सम्मेलन में रेखांकित किया था।
यह भारत का ब्रिक्स शिखर आयोजन की मेजबानी का चौथा मौका है, जो वैश्विक दक्षिण में नई दिल्ली की मजबूत स्थिति को दर्शाता है। इस बैठक से ब्रिक्स की एकजुटता और वैश्विक भूमिका को नई गति मिलने की उम्मीद है।
