
ढाका। बांग्लादेश के 13वें राष्ट्रीय संसदीय चुनाव में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) ने शानदार प्रदर्शन किया। 12 फरवरी को हुए मतदान के बाद गिनती में बीएनपी ने गठबंधन के साथ 212 सीटें जीतीं, जिसमें 209 स्वतंत्र रूप से हासिल कीं। चुनाव आयोग ने रविवार को जारी वोट डेटा में बताया कि बीएनपी को कुल 49.97 प्रतिशत वोट मिले, जबकि जमात-ए-इस्लामी को 31.76 प्रतिशत।
अन्य दलों का प्रदर्शन फीका रहा। नेशनल सिटिजन पार्टी को 3.05, इस्लामी आंदोलन बांग्लादेश को 2.70 तथा बांग्लादेश खिलाफत मजलिस को 2.09 प्रतिशत वोट प्राप्त हुए। निर्दलीय उम्मीदवारों को कुल 5.79 प्रतिशत समर्थन मिला। 59 पंजीकृत दलों में से 50 ने चुनाव लड़ा, लेकिन केवल नौ को संसद में जगह मिली। शेष 41 दल खाली हाथ रह गए।
यह चुनाव पहली बार रेफरेंडम के रूप में हुआ, जिसके परिणाम कईयों के लिए चौंकाने वाले रहे। स्थानीय मीडिया के अनुसार, 17 फरवरी को नई कैबिनेट शपथ लेगी। संविधान के अनुच्छेद 148 के तहत सांसदों को तीन दिनों में शपथ लेनी है। आयोग सचिव अख्तर अहमद ने समय-सारिणी की पुष्टि की।
पार्टी सूत्रों का कहना है कि सरकार गठन के बाद तारिक रहमान प्रधानमंत्री बनेंगे। महत्वपूर्ण मंत्रालयों में अनुभवी और युवा नेताओं को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। बीएनपी का यह भारी बहुमत देश को नई दिशा देगा। आर्थिक विकास और राजनीतिक स्थिरता पर जोर रहेगा।