
क्वेटा, 3 मार्च। बलूचिस्तान में अलगाववादी गुटों ने पाकिस्तानी सेना और पुलिस पर किए गए खूनी हमलों की पूरी जिम्मेदारी ले ली है। इन संगठनों का दावा है कि उनके हमलों से पाक फौज को भारी नुकसान हुआ है और यह उनकी आजादी की लड़ाई का हिस्सा है।
बलूच लिबरेशन फ्रंट (बीएलएफ) ने ग्वादर जिले के शादी कौर डैम क्षेत्र में पाकिस्तानी सैन्य शिविर पर लाइट मशीनगन, रॉकेट और अन्य हथियारों से किए गए हमले का श्रेय लिया। बीएलएफ के प्रवक्ता मेजर ग्वाहरम बलूच ने बताया कि कई दिशाओं से हमला बोला गया, जिसमें दो पाक सैनिक मारे गए और कई घायल हो गए। शिविर की पूरी संरचना भी नष्ट हो गई।
एक अन्य घटना में बीएलएफ ने कोहलू जिले के लोंड नौशाम में फ्रंटियर कॉर्प्स के मुख्य कैंप पर घेराबंदी कर रॉकेट और भारी गोलीबारी की। समूह के अनुसार, कई रॉकेट परिसर के अंदर गिरे, जिससे उपकरणों को जबरदस्त क्षति पहुंची।
बलूच रिपब्लिकन गार्ड्स (बीआरजी) ने नसीराबाद जिले में मीर हसन पुलिस स्टेशन के निकट पुलिस गश्ती दस्ते पर रिमोट कंट्रोल्ड विस्फोटक से हमला किया। बीआरजी प्रवक्ता दोस्तैन बलूच ने कहा कि पुलिस वाहन गुजरते ही धमाका हुआ, जिसमें पुलिसकर्मी मारे गए और गाड़ी तबाह हो गई।
इसके अलावा, यूनाइटेड बलूच आर्मी (यूबीए) ने 1 मार्च को कच्छी जिले के माच इलाके में पाक सेना के निगरानी टावर को ध्वस्त करने का दावा किया। यूबीए प्रवक्ता मजार बलूच के मुताबिक, आब-ए-गम और गेशानी के बीच स्थित यह टावर चार कैमरों से लैस था, जो अब पूरी तरह बेकार हो गया है।
ये संगठन इन्हें बलूचिस्तान की स्वतंत्रता के लिए महत्वपूर्ण कदम बता रहे हैं। बलूच लिबरेशन आर्मी के 31 जनवरी को शुरू हुए ‘ऑपरेशन हेरोफ’ के दूसरे चरण के बाद प्रांत में पाक सेना के खिलाफ हमले बढ़े हैं, जो क्षेत्रीय अस्थिरता को दर्शाते हैं।