
क्वेटा। बलूचिस्तान लिबरेशन फ्रंट (बीएलएफ) ने पाकिस्तानी सुरक्षा बलों पर तुर्बत और पंजगुर में दो घातक हमलों की जिम्मेदारी ली है। इन घटनाओं में कई जवान शहीद हुए और संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचा।
संगठन के प्रमुख मेजर ग्वाहराम बलोच ने बयान जारी कर बताया कि मंगलवार को पंजगुर के चितकान में एफसी मुख्यालय के खुफिया केंद्र पर ग्रेनेड लांचर से नौ गोले दागे गए। हमलावरों ने दावा किया कि इससे दुश्मन को करारा झटका लगा और भारी तबाही मची।
दूसरी कार्रवाई तुर्बत के अब्सर इलाके में हुई, जहां कोहदा यूसुफ से गुजर रहे सैन्य काफिले पर रिमोट आईईडी फोड़ा गया। वाहन उड़ाने से तीन जवान मारे गए, दो घायल हुए। काफिले में दो गाड़ियां और बाइकें शामिल थीं।
बीएलएफ ने दोनों घटनाओं—एफसी खुफिया कार्यालय पर ग्रेनेड अटैक और काफिले पर विस्फोट—की पूरी जिम्मेदारी स्वीकार की। यह विद्रोह की नई लहर का संकेत है।
इधर, खुजदार जिले के ज़ेहरी में सख्त कर्फ्यू थोप दिया गया। दुकानें बंद, बसें रुकीं, लोग घरों में कैद। रमजान में आटा-दूध-सब्जी-दवा की किल्लत से हाहाकार मच गया।
मजदूर बेरोजगार, मरीज अस्पताल नहीं पहुंच पा रहे। स्थानीय प्रशासन से कर्फ्यू हटाने की गुहार लग रही है। पहले भी ज़ेहरी में一个月 कर्फ्यू रहा, ड्रोन हमलों में भारी नुकसान हुआ। नोश्की में भी लॉकडाउन जारी है।