
पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। सुप्रीम कोर्ट में ममता बनर्जी की नई याचिका पर सुनवाई के बाद भाजपा नेता दिलीप घोष ने गुरुवार को ममता पर निशाना साकेत किया। मालदा में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि अदालत कुछ भी कहे, ममता बनर्जी उसकी परवाह नहीं करेंगी।
घोष ने ममता की जुबान पर तंज कसते हुए कहा, ‘मुख्यमंत्री की बोलचाल सबको मालूम है। वे प्रधानमंत्री का अपमान करती हैं, गृह मंत्री को ललकारती हैं, नड्डा जी पर भी हमलावर रहती हैं। संविधान और कोर्ट का सम्मान न करने वालों के बारे में क्या कहा जाए।’
उन्होंने बंगाल की जनता से अपील की कि वे ही तय करेंगे भविष्य। ‘सुप्रीम कोर्ट-हाईकोर्ट ने पहले भी निर्देश दिए, लेकिन ममता संकट में कोर्ट जाती हैं और प्रतिकूल फैसले को ठेंगा दिखाती हैं।’
दिलीप घोष ने विधानसभा में पेश हो रहे अंतरिम बजट को तृणमूल सरकार का आखिरी बजट करार दिया। ‘यह उनका अंतिम बजट होगा, आगे मौका नहीं मिलेगा।’ उन्होंने कहा कि इससे जनता को ज्यादा उम्मीद न करें, वोटबैंक के लिए कुछ ऐलान हो सकते हैं।
ममता सरकार गुरुवार को अंतरिम बजट पेश करेगी। लक्ष्मी भंडार, डीए व आशा कार्यकर्ताओं की सैलरी पर सबकी निगाहें। 2021 चुनावी वादे से शुरू लक्ष्मी भंडार में सामान्य महिलाओं को 1000 व एससी-एसटी को 1200 रुपये मासिक। लोकसभा चुनाव से पहले राशि बढ़ाई गई थी।
माना जा रहा है कि महिलाओं का वोट पक्का करने को ममता राशि बढ़ा सकती हैं। SIR विवाद, घोष के बयान और बजट से बंगाल की सियासत में नया मोड़ आ गया है। जनता देख रही है आगे क्या होता है।