
नई दिल्ली में बुधवार को भूटान के विदेश एवं विदेशी व्यापार मंत्री ल्योंपो डी.एन. धुंग्येल की 도착 ने भारत-भूटान संबंधों को नई गति प्रदान की। वे 5 से 7 मार्च तक आयोजित 11वें रायसीना डायलॉग में भाग लेंगे।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक्स पर उनका हार्दिक स्वागत किया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों की साझेदारी विश्वास और सद्भाव पर टिकी है, जो इस यात्रा से और सशक्त होगी।
रायसीना डायलॉग भारत का प्रमुख भू-राजनीतिक एवं भू-आर्थिक मंच है, जिसकी शुरुआत 2016 में हुई। ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन और विदेश मंत्रालय के सहयोग से होता यह सम्मेलन विश्व नेता, नीति विशेषज्ञों और पत्रकारों को एकत्र करता है।
हाल ही में 18 फरवरी को भूटान पीएम त्शेरिंग तोबगे और पीएम नरेंद्र मोदी की भारत-एआई प्रभाव शिखर सम्मेलन के दौरान मुलाकात हुई। दोनों ने ऊर्जा, कनेक्टिविटी, विकास कार्यों और जन-जन संबंधों की प्रगति पर चर्चा की।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं डिजिटल क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी। दोनों ने विश्वासपूर्ण साझेदारी को मजबूत करने का संकल्प लिया।
उच्च स्तरीय आदान-प्रदान की परंपरा बनी हुई है। नवंबर में पीएम मोदी की थिम्फू यात्रा ने ‘नेबरहुड फर्स्ट’ नीति को बल दिया।
ऊर्जा परियोजनाओं से लेकर बुनियादी ढांचे और सांस्कृतिक संपर्क तक, संबंध गहराते जा रहे हैं। रायसीना में भूटान की भागीदारी महत्वपूर्ण संवादों को समृद्ध करेगी।