चीन की राजधानी बीजिंग में पहचान नियंत्रण की नई व्यवस्था तेजी से फैल रही है। बिग डेटा और चेहरे की पहचान तकनीक से लैस यह सिस्टम सार्वजनिक जगहों पर लोगों की गतिविधियों पर सख्त नजर रख रहा है। एक चीनी पर्यटक ने अपनी पांच दिवसीय यात्रा के दौरान 15 बार राष्ट्रीय आईडी कार्ड स्कैन कराया और छह बार सुरक्षा जांच झेली।

वीचैट पर वीडियो साझा करते हुए उसने कहा, ‘जहां भी जाते हैं, आईडी स्कैन जरूरी। मेट्रो, पर्यटक स्थल, हर जगह चेकपॉइंट। यात्रा बार-बार रुक जाती है।’ यह अनुभव बीजिंग के उन्नत निगरानी तंत्र की झलक दिखाता है, जो वास्तविक समय में लोगों को ट्रैक करता है।
याचिकाकर्ता और अधिकार कार्यकर्ता गुमनाम रहकर बताते हैं कि यह डेटा आधारित सामाजिक नियंत्रण का प्रतीक है। गोपनीयता और स्वतंत्रताओं पर खतरा मंडरा रहा है। मेट्रो स्टेशनों पर बैग चेकिंग आम हो गई है, जबकि आईडी स्कैन व्यक्तिगत डेटा से जुड़े हैं।
बार-बार आने वाली ली नाम की महिला ने पुष्टि की कि जांचें बढ़ गई हैं। याचिकाएं अक्सर खारिज हो जाती हैं और असंतुष्टों को परेशान किया जाता है। सुरक्षा के नाम पर यह व्यवस्था नागरिक अधिकारों को कुचल रही है, जिससे चिंताएं गहरा रही हैं।
