
ढाका में फिलिस्तीन समर्थकों ने अंतरिम सरकार को साफ लहजे में कहा है कि गाजा के लिए प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल से किसी भी तरह का संबंध न रखा जाए। पैलेस्टाइन सोलिडैरिटी कमेटी का मानना है कि बांग्लादेश का इतिहास और नैतिकता फिलिस्तीनी Struggle के साथ है, और इस फोर्स में शामिल होना उसकी परंपरा के खिलाफ होगा।
रविवार को जारी बयान में समिति ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार खलीलुर रहमान की अमेरिका यात्रा का जिक्र किया, जहां उन्होंने अमेरिकी अधिकारियों से गाजा फोर्स में भागीदारी की इच्छा जताई। गाजा में मानवीय संकट चरम पर है, जहां लोग हिंसा और विस्थापन का शिकार हैं। ऐसी स्थिति में सैन्य बल तनाव बढ़ाएगा, शांति नहीं लाएगा।
समिति के सदस्य सचिव प्रोफेसर एमडी हारुन-ओर-रशीद ने कहा कि यह फोर्स इजरायल की सुरक्षा के नाम पर फिलिस्तीनी लड़ाकों के हथियार छीनने का काम करेगी। बांग्लादेश खुद आजादी की लड़ाई से जन्मा देश है, इसलिए उत्पीड़ितों का दर्द समझता है।
संयुक्त राष्ट्र में बांग्लादेश ने हमेशा फिलिस्तीन के हक का साथ दिया है। इस कदम से वह रुख कमजोर पड़ सकता है। सरकार की ओर से अब तक कोई जवाब नहीं आया है, लेकिन मध्य पूर्व का मुद्दा वैश्विक राजनीति का केंद्र बना हुआ है।