
बांग्लादेश के चटगांव विश्वविद्यालय में छात्रों द्वारा एक सहायक प्रोफेसर पर की गई हिंसक कार्रवाई ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया है। विश्वविद्यालय के केंद्रीय छात्र संघ के कार्यालय सचिव अब्दुल्ला अल नोमान के नेतृत्व में छात्रों ने प्रोफेसर हसन मुहम्मद रोमन शुवो को गले से पकड़कर प्रॉक्टर कार्यालय तक घसीटा। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो इस घटना की पुष्टि करते हैं।
प्रवेश परीक्षाओं के दौरान दिनदहाड़े हुई यह घटना सुनियोजित हिंसा का रूप ले चुकी है, जो परिसर की व्यवस्था और छात्र नेतृत्व की विश्वसनीयता पर गहरा सवाल खड़ा करती है। नोमान का दावा कि उन्होंने ‘रक्षा’ के लिए ऐसा किया, क्योंकि अन्य छात्र प्रोफेसर को पीटना चाहते थे, को सभी तरफ से खारिज किया जा रहा है।
विश्वविद्यालय प्रशासन की चुप्पी सबसे चिंताजनक है। स्पष्ट वीडियो सबूत होने के बावजूद कोई अनुशासनात्मक कदम नहीं उठाया गया। प्रॉक्टर ने प्रोफेसर के खिलाफ जांच की पुष्टि की है, लेकिन शारीरिक हमले को कभी उचित नहीं ठहराया जा सकता।
जुलाई आंदोलन का सहारा लेकर हमले को जायज बताने की कोशिश को इतिहास का अपमान कहा जा रहा है। यह घटना परिसर में हिंसा को बढ़ावा दे सकती है, जहां ताकत नियम तय करती है। प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग तेज हो रही है, वरना विश्वविद्यालय डर का केंद्र बन जाएगा।