
ढाका में शुक्रवार को ढाका विश्वविद्यालय के छात्र संगठन डीयूसीएसयू ने रेप और हिंसा की शिकार महिलाओं के लिए इंसाफ की गुहार लगाते हुए एक बड़ा विरोध मार्च निकाला। नर्सिंगदी सहित देशभर में हो रही ऐसी घटनाओं पर गुस्साए छात्रों ने चेतावनी दी कि अगर दोषियों को सजा न मिली तो पूरे देश में आंदोलन छेड़ दिया जाएगा।
दोपहर में सेंट्रल मस्जिद से शुरू हुआ यह जुलूस कैंपस के राजू मूर्ति तक पहुंचा। रास्ते भर नारे गूंजते रहे- ‘औरतों को ताकत दो वरना सत्ता छोड़ो’, ‘महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करो वरना कुर्सी गंवाओ’, ‘तारिक रहमान रेप बंद करो’, ‘सुनहरे बंगाल में रेपिस्टों की कोई जगह नहीं’, ‘देश खून से तर है, पीएम सब ठीक कहते हैं’, ‘आसिया से नंदिनी तक इंसाफ न मिला’।
संघ के महासचिव एसएम फरहाद ने प्रधानमंत्री तारिक रहमान को कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सत्ता में बने रहने के लिए उगाही करने वालों और रेपिस्टों पर सख्ती जरूरी है। बीएनपी नेताओं पर अपराधियों को बचाने का आरोप लगाते हुए फरहाद ने कहा कि अगर कार्रवाई न हुई तो कैंपस से सड़कों तक आंदोलन फैल जाएगा।
पुलिस आंकड़ों के अनुसार 2025 में 1,81,737 अपराध दर्ज हुए, जिनमें महिलाओं-बच्चों पर अत्याचार सबसे ज्यादा। पिछले साल 21,936 ऐसी घटनाएं, 12,740 चोरियां, 3,785 हत्याएं और 1,935 डकैतियां दर्ज की गईं। शेख हसीना सरकार गिरने के बाद यूनुस की अंतरिम सरकार को कानून-व्यवस्था संभालने में चुनौतियां झेलनी पड़ीं।
विश्लेषकों का मानना है कि यह अपराध वृद्धि राजनीतिक अस्थिरता का नतीजा है। छात्रों का यह प्रदर्शन एक चेतावनी है कि बिना इंसाफ के शांति संभव नहीं। सरकार को अब कदम उठाने होंगे वरना युवाओं का गुस्सा भारी पड़ सकता है।