
ढाका में 12 फरवरी 2026 को होने वाले आम चुनावों से पहले बांग्लादेश की सियासत में उबाल आ गया है। जातीयतावादी छात्र दल (जेसीडी) ने रविवार को अगरगांव स्थित चुनाव आयोग के भवन को घेर लिया। पोस्टल बैलेट को लेकर पक्षपातपूर्ण फैसलों के खिलाफ सैकड़ों कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए।
जेसीडी अध्यक्ष रकीबुल इस्लाम के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने आयोग पर राजनीतिक दबाव में काम करने का आरोप लगाया। सुरक्षा बलों ने भारी तैनाती की, जिसमें पुलिस, नौसेना, RAB और अंसार शामिल हैं। दंगा रोधी वाहन और वाटर कैनन भी तैयार रखे गए।
छात्र संगठन ने तीन प्रमुख मुद्दों पर निशाना साधा। पहला, पोस्टल बैलेट का संदिग्ध वितरण। दूसरा, फैसलों में राजनीतिक हस्तक्षेप। तीसरा, शाहजलाल यूनिवर्सिटी के छात्र संघ चुनाव संबंधी विवादित अधिसूचना, जो किसी खास दल के इशारे पर जारी हुई।
रकीबुल इस्लाम ने भाषण में कहा कि एक राजनीतिक गुट ने बैलेट पर गलत असर डाला। वितरण प्रक्रिया को छात्रावास में बेतरतीब चिट्ठियां बांटने जैसा बताया। करीब 160 बैलेट एक बॉक्स में ठूंस दिए गए, जिन्हें बाद में बाहरी लोगों में बांट दिया गया।
यह हंगामा बहरीन में एक ही पते पर सैकड़ों बैलेट भेजे जाने के वायरल वीडियो के बाद भड़का। चुनाव आयोग ने सफाई दी कि मध्य पूर्वी डाक प्रणाली के कारण ऐसा हुआ। लेकिन अविश्वास गहरा गया है।
राजनीतिक दलों में आंतरिक कलह के बीच ये घटनाएं चुनावी प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर रही हैं। आयोग को पारदर्शिता दिखानी होगी वरना अस्थिरता बढ़ेगी।