
बांग्लादेश में नई सरकार के गठन के साथ ही प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने सत्ता संभाल ली है। हिंसा और अशांति के दौर के बाद उन्होंने कानून-व्यवस्था बहाल करने का कड़ा संकल्प जताया है। अल्पसंख्यक समुदायों को आश्वस्त करते हुए उन्होंने कहा कि सभी नागरिक सुरक्षित रहेंगे।
ढाका से मिली जानकारी के मुताबिक, अपने पहले संबोधन में पीएम रहमान ने शांति स्थापना को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। उन्होंने भ्रष्टाचार पर लगाम कसने और जुआ, नशे जैसी बुराइयों पर तत्काल कार्रवाई के आदेश दिए। कानून प्रवर्तन एजेंसियों को सख्त निर्देश जारी हो चुके हैं।
‘कानून ही सर्वोपरि होगा, न पार्टी का जोर, न रसूख का दबाव,’ उन्होंने स्पष्ट किया। हाल की हिंसा में अल्पसंख्यकों को भारी नुकसान झेलना पड़ा, इसलिए यह बयान महत्वपूर्ण है।
पीएम ने एकजुटता पर जोर दिया- चाहे मुस्लिम हों, हिंदू, बौद्ध या ईसाई, सभी को समान अधिकार। बीएनपी समर्थक हों या न हों, सबका इस सरकार में बराबर हक। देश को सब मिलकर आगे ले जाएंगे।
ईमानदारी बढ़ाने के लिए कैबिनेट ने फैसला लिया कि सांसद टैक्स-मुक्त गाड़ियां या प्लॉट नहीं लेंगे। यह कदम स्वच्छ शासन की मिसाल है। रहमान के नेतृत्व में बांग्लादेश नई उम्मीदों से चमक रहा है।