
ढाका, 13 जनवरी। बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ हिंसा की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। फेनी जिले के डागनभुइयां उपजिले में एक हिंदू ऑटो-रिक्शा चालक समीर दास की भीड़ ने बेरहमी से हत्या कर दी। 27 वर्षीय समीर का शव जगतपुर गांव के एक खेत में पड़ा मिला, जिस पर चाकू के कई घाव थे।
परिवारजन बताते हैं कि रविवार शाम को समीर अपने ऑटो से घर से निकले थे। देर रात तक न लौटने पर परिजनों ने तलाश शुरू की। अंततः स्थानीय लोगों ने खेत में उनका क्षत-विक्षत शव देखा। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव बरामद कर फेनी जनरल अस्पताल भेज दिया।
पुलिस के अनुसार, अपराधी समीर को सुनसान जगह ले गए और ऑटो चुराने के प्रयास में उन पर वार कर हत्या कर दी। डागनभुइयां थाने के अधिकारी मुहम्मद फैजुल अजीम नोमान ने पुष्टि की, ‘शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। ऑटो गायब है। संदिग्धों को पकड़ने का विशेष अभियान चल रहा है।’
यह 24 दिनों में हिंदुओं पर नौवीं ऐसी वारदात है, जो सांप्रदायिक तनाव की चिंताजनक स्थिति को उजागर करती है। भारत ने 9 जनवरी को इन हमलों पर गहरी चिंता जताई है। पड़ोसी देश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग तेज हो गई है।
बांग्लादेश सरकार को ऐसी घटनाओं पर कड़ा रुख अपनाना होगा, ताकि शांति बहाल हो और समुदायों के बीच विश्वास कायम रहे।