
ढाका से महज 50 किलोमीटर दूर नरसिंगडी में एक दिल दहला देने वाली वारदात ने बांग्लादेश के अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय को स्तब्ध कर दिया। 23 वर्षीय चंचल चंद्र भौमिक नामक हिंदू युवक को उसके गैरेज में सोते हुए अज्ञात बदमाशों ने जिंदा जला दिया। यह घटना देश में बढ़ते सांप्रदायिक तनाव की पुष्टि करती है।
कुमिला जिले के लक्ष्मीपुर गांव निवासी भौमिक खानाबारी मस्जिद मार्केट स्थित गैरेज में कार्यरत थे। शुक्रवार रात काम निपटाकर वहीं सो गए थे, तभी हमलावरों ने आग लगा दी। गैरेज में पेट्रोल, इंजन ऑयल जैसी ज्वलनशील सामग्री होने से आग विकराल रूप ले चुकी थी। भौमिक जलने और धुएं से मर गए।
चश्मदीदों ने इसे सुनियोजित हत्या करार दिया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज कब्जे में ले लिया है, जिसमें हमलावरों की झलक मिली है। वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘जांच पूरी तत्परता से चल रही है। कई टीमें अपराधियों की तलाश में जुटी हैं।’
यह हमला हिंदुओं पर लगातार हो रहे अत्याचारों की कड़ी है। गाजीपुर में मिठाई दुकान मालिक की पीट-पीटकर हत्या, सिलहट में घर में आगजनी, फेनी में ऑटो चालक की चाकूबाजी जैसी घटनाएं अल्पसंख्यकों के डर को उजागर करती हैं। 2022 जनगणना के अनुसार देश में 1.313 करोड़ हिंदू हैं, जो कुल आबादी का 8 प्रतिशत हैं।
यूनुस की अंतरिम सरकार के सत्ता में आने के बाद स्थिति बिगड़ी है। भारत ने भी अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर चिंता जताई। चुनाव नजदीक आते ही यह हिंसा सरकार की परीक्षा है। भौमिक को न्याय मिले और ऐसी घटनाएं रुकें, यही अपेक्षा है।