
जयपुर साहित्य उत्सव में बांग्लादेश के भारत उच्चायुक्त रियाज हमीदुल्लाह की मौजूदगी ने चर्चाओं को नई दिशा दी। ‘एशियन ड्रामा’ पैनल में प्रोफेसर सी. राजा मोहन, सुहासिनी हैदर, नवतेज सरना और शुभजीत रॉय के साथ उन्होंने भारत-बांग्लादेश संबंधों की भविष्य की संभावनाओं पर विचार व्यक्त किए।
एक्स पर पोस्ट साझा करते हुए उन्होंने उत्सव आयोजक संजोय के. रॉय का आभार माना, जिन्होंने दो दशक बाद साहित्यकारों, विचारकों के लिए खुली मंच प्रदान किया। काल्पनिक से वास्तविक मुद्दों पर बहस की आजादी और दूसरों की सुनने की कला पर जोर दिया।
लेकिन यूनुस की अंतरिम सरकार के दौर में दोनों देशों के रिश्ते तनावपूर्ण हैं। बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हो रही हत्याओं और हिंसा पर भारत ने गहरी चिंता जताई है। निष्पक्ष चुनाव की मांग के बीच विश्लेषक लोकतांत्रिक सरकार से सुधार की उम्मीद बांधे हैं।
कार्यक्रम में पोलैंड के उप-प्रधानमंत्री रादोस्लाव सिकोर्स्की पत्नी संग पहुंचे। पत्रकार से राजनयिक बने सिकोर्स्की ने रूस-यूक्रेन संकट, पोलैंड की भूमिका और यूरोप के बदलते समीकरणों पर प्रकाश डाला। नवतेज सरना के साथ बातचीत में राजनीतिक, ऐतिहासिक व मानवीय आयाम उजागर किए।
हाल ही नई दिल्ली में 11वें विदेश कार्यालय परामर्श में भारत-पोलैंड ने रक्षा, विज्ञान, साइबर सुरक्षा व एआई में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता दोहराई गई। पोलैंड ने भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते का समर्थन किया। 2024-28 कार्ययोजना की समीक्षा हुई, जो पीएम मोदी की पोलैंड यात्रा का परिणाम है। पोलैंड मध्य-पूर्वी यूरोप में भारत का प्रमुख व्यापारिक साझेदार है। जेएलएफ ने साहित्य व कूटनीति का अनोखा संगम रचा।