
बांग्लादेश में 12 फरवरी को होने वाले आम चुनावों से ठीक पहले राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। विदेश में रहने वाले देशवासियों के लिए भेजे गए पोस्टल बैलट को लेकर बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) ने गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी का दावा है कि बैलट वितरण में धांधली हुई है, लेकिन चुनाव आयोग ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।
चुनाव आयुक्त ब्रिगेडियर जनरल (सेवानिवृत्त) अबुल फजल एमडी सनाउल्लाह ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो क्लिप्स की गहन जांच की गई। ‘तीन स्थानों से मिले वीडियो में कोई अनियमितता नहीं पाई गई,’ उन्होंने कहा। आयोग ने तत्काल सभी संबंधित दूतावासों से संपर्क साधा ताकि जमीनी हकीकत का पता लगाया जा सके।
सनाउल्लाह ने जोर देकर कहा कि पोस्टल बैलट प्रक्रिया की पारदर्शिता पर कोई समझौता नहीं होगा। बीएनपी ने मंगलवार को वायरल वीडियो पर चिंता जताई थी और पहले ही उम्मीदवारों के नाम के साथ चुनाव चिन्ह जोड़ने का प्रस्ताव दिया था।
इधर, विपक्षी गठबंधन में फूट पड़ गई है। जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले 11 दलों के गठबंधन से इस्लामी आंदोलन बांग्लादेश (आईएबी) ने किनारा कर लिया। आईएबी ने शुक्रवार को घोषणा की कि वह 300 में से 268 सीटों पर स्वतंत्र रूप से लड़ेगी। गठबंधन द्वारा ढाका प्रेस कॉन्फ्रेंस में 253 सीटों का बंटवारा घोषित करने पर आईएबी ने विरोध किया था।
ये घटनाक्रम चुनावी माहौल को और गरमा रहे हैं। आयोग की सतर्कता और दलों की आपसी खींचतान भविष्य की दिशा तय करेगी।