
वॉशिंगटन। बांग्लादेश में राष्ट्रीय चुनाव सिर पर हैं, लेकिन देश की राजनीतिक स्थिति चिंता बढ़ाने वाली बनी हुई है। अमेरिकी थिंकटैंक अमेरिकन एंटरप्राइज इंस्टीट्यूट के वरिष्ठ फेलो माइकल रूबिन ने साफ शब्दों में कहा है कि ये चुनाव न तो स्वतंत्र होंगे और न ही निष्पक्ष। प्रमुख दलों को बाहर करने से लोकतंत्र की बुनियाद ही हिल गई है।
आईएएनएस से बातचीत में रूबिन ने कहा, ‘बांग्लादेश में बिल्कुल स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव नहीं होंगे।’ उन्होंने जोर देकर कहा कि सच्चे चुनावों के लिए मुख्यधारा की पार्टियों के बीच खुली टक्कर जरूरी है, जो जनता का व्यापक समर्थन रखती हैं।
अवामी लीग पर प्रतिबंध लगाने की कोशिशों को रूबिन ने राजनीतिक भय का प्रतीक बताया। मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस और जमात-ए-इस्लामी की यह मांग इस बात का संकेत देती है कि निष्पक्ष मुकाबले में अवामी लीग जीत जाएगी। यूनुस ने 8 अगस्त 2024 को पद संभाला था।
इंस्टीट्यूट फॉर स्ट्रेटेजिक डायलॉग के सम्मेलन में रूबिन ने बांग्लादेश को अमेरिका के लिए बड़ा संकट बताया, इसे ‘धीमी ट्रेन दुर्घटना’ करार दिया। 2024 की आंदोलनों को उन्होंने स्वाभाविक नहीं माना।
सोवियत संघ और ईरान जैसे सत्तावादी चुनावों से तुलना करते हुए उन्होंने पाकिस्तान के हस्तक्षेप का भी जिक्र किया। पाक ने जमात से जुड़े छात्र संगठन को फंडिंग दी, जिसके पक्के सबूत हैं। राजनयिकों की सीमित पहुंच से अमेरिकी मूल्यांकन गलत हो रहा है।
बांग्लादेश के इस संकट से उबरने के लिए सभी बड़े दलों को शामिल करना जरूरी है, वरना अस्थिरता बढ़ेगी। अंतरराष्ट्रीय समुदाय को सतर्क रहना होगा।