
ढाका में 12 फरवरी को होने वाले आम चुनाव से पहले प्रचार अभियान मंगलवार को आधिकारिक रूप से समाप्त हो गया। ‘पार्लियामेंट्री इलेक्शन कोड ऑफ कंडक्ट रूल्स, 2025’ के तहत वोटिंग से 48 घंटे पहले कैंपेनिंग पर रोक लगा दी गई। ढाका ट्रिब्यून के अनुसार, 22 जनवरी को चुनाव चिह्न मिलने के बाद दलों ने अपनी रणनीतियां शुरू की थीं।
अंतिम दिनों में विभिन्न संस्थानों के सर्वे ने बीएनपी गठबंधन और जमात-ए-इस्लामी गठबंधन के बीच जबरदस्त मुकाबले की तस्वीर पेश की। एमिनेंस एसोसिएट्स फॉर सोशल डेवलपमेंट (ईएएसडी) ने सभी 300 क्षेत्रों में 41,500 लोगों से बातचीत के आधार पर बीएनपी को 208 सीटें और जमात को 46 सीटें मिलने का अनुमान जताया।
ईएएसडी के सीईओ शमीम हैदर तालुकदार ने ढाका के कृषिबिद संस्थान में सोमवार को नतीजे जारी करते हुए कहा कि यह प्राइमरी सैंपलिंग विधि से तैयार अनुमान है। दूसरी ओर, इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ लॉ एंड डिप्लोमेसी (आईआईएलडी) ने कांटे की टक्कर दिखाई- जमात को 105 और बीएनपी को 101 सीटें।
ढाका यूनिवर्सिटी के पूर्व छात्रों वाले नेशनलिस्ट रिसर्च सेल (एनआरसी) ने बीएनपी को 77 प्रतिशत लोकप्रिय वोट के साथ 220 सीटें दिलाने का दावा किया। ये विरोधाभासी आंकड़े चुनावी बहस का केंद्र बने हैं, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि ये उम्मीदें जगाते हैं, न कि सटीक भविष्यवाणी करते। बांग्लादेश के वोटर अब फैसला लेंगे जो देश की राजनीति बदल सकता है।