
ढाका में गुरुवार को बांग्लादेश के संसदीय चुनावों की धूम मच गई है। 299 सीटों पर 42,779 मतदान केंद्रों से सुबह साढ़े सात बजे वोटिंग शुरू हुई, जो शाम साढ़े चार बजे तक चलेगी। उसके बाद गिनती आरंभ हो जाएगी और नई सरकार का चेहरा सामने आ जाएगा।
शेख हसीना के 15 साल के शासन के समाप्त होने के 18 महीने बाद हो रहे ये चुनाव देशव्यापी आंदोलनों के बाद महत्वपूर्ण हैं। 84-सूत्री सुधार पैकेज पर जनमत संग्रह भी साथ-साथ चल रहा है, जो संवैधानिक ढांचे को नया रूप दे सकता है। 12 करोड़ 70 लाख पंजीकृत मतदाताओं में 44 प्रतिशत 18 से 37 वर्ष के युवा हैं।
ढाका ट्रिब्यून के अनुसार, 12 करोड़ 77 लाख मतदाताओं में 6 करोड़ 28.8 लाख महिलाएं हैं। खास बात यह है कि 27 लाख महिलाओं ने पहली बार वोटर बनने के लिए पंजीकरण कराया, जो 18.7 लाख पुरुषों से अधिक है। लेकिन उम्मीदवारों में महिलाओं की भागीदारी महज 83 हैं, जो कुल का चार प्रतिशत है।
चुनाव शांतिपूर्ण बनाने को 9.58 लाख सुरक्षाकर्मी तैनात हैं, संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बल। 1 लाख से अधिक सैनिक भी कानून-व्यवस्था संभाल रहे हैं।
आवामी लीग पर प्रतिबंध के बाद बीएनपी और जमात-ए-इस्लामी गठबंधन आगे है। खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान 17 साल बाद लौटे हैं, नौकरियां, सुरक्षा और अभिव्यक्ति की आजादी का वादा कर रहे हैं।
युवा शक्ति और सुधारों के बीच यह चुनाव बांग्लादेश के भविष्य का मार्ग प्रशस्त करेगा।