
बांग्लादेश में 13वीं संसदीय चुनावों में शानदार जीत के बाद तारिक रहमान के नेतृत्व वाली बीएनपी ने नई कैबिनेट गठित की है, जिसमें 70 प्रतिशत सदस्य व्यवसायी पृष्ठभूमि से हैं। निर्वाचन आयोग को सौंपे हलफनामों से यह खुलासा हुआ है। 50 मंत्रियों और राज्य मंत्रियों में से 35 ने व्यवसाय को अपना पेशा बताया।
ढाका ट्रिब्यून के विश्लेषण के अनुसार, 19 कैबिनेट मंत्री और 16 राज्य मंत्री व्यवसायी हैं। वकील इस सूची में दूसरे नंबर पर हैं, हालांकि कुछ ने एकाधिक पेशे दर्ज किए। राजनीति को मुख्य पेशा मानने वाले केवल प्रधानमंत्री तारिक रहमान और शिक्षा मंत्री एएनएम एहसानुल हक मिलन हैं।
17 फरवरी को ढाका के नेशनल पार्लियामेंट में 25 मंत्रियों ने शपथ ली। लेकिन इस व्यवसायी बहुल कैबिनेट पर सवाल उठ रहे हैं। ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल बांग्लादेश के प्रमुख इफ्तेखारुज्जमान ने चेताया कि हितों के टकराव से बचना जरूरी है, वरना मंत्री पद व्यवसाय के हित साधन बन सकता है।
यह प्रवृत्ति संसद तक फैली है। 300 सांसदों में 174 (59%) व्यवसायी हैं, जिनमें 15 परिधान क्षेत्र से जुड़े। बीएनपी की 209 सीटों में 145 व्यवसायी, जमात-ए-इस्लामी की 68 में 20। टीआईबी की स्टडी बताती है कि 236 सांसद करोड़पति हैं, जिसमें 13 अरबपति शामिल। बीएनपी के 189 और जमात के 38 सांसद धनाढ्य हैं।
यह व्यवसाय-नीतिगत गठजोड़ बांग्लादेश की राजनीति को नया आयाम दे सकता है, लेकिन पारदर्शिता सुनिश्चित करना चुनौती होगी।