
ढाका में फरवरी के आम चुनावों से पहले बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) ने कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति पर गहरी चिंता जताई है। मोहम्मद यूनुस की अगुवाई वाली अंतरिम सरकार पर कानून प्रवर्तन एजेंसियों के नाकाम होने का आरोप लगाते हुए पार्टी ने हाल की हत्याओं को चिंताजनक बताया।
ठाकुरगांव में अपने निवास पर पत्रकारों से बातचीत में बीएनपी महासचिव मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने कहा कि राजनीतिक नेताओं, विशेषकर बीएनपी कार्यकर्ताओं की हत्याएं बेहद परेशान करने वाली हैं। उन्होंने इन घटनाओं की कड़ी निंदा की, लेकिन सरकार की ओर से कोई ठोस कदम न उठाए जाने पर नाराजगी जाहिर की। पार्टी को उम्मीद है कि चुनाव के दौरान प्रशासन जिम्मेदारी निभाएगा।
गुरुवार रात जॉयपुरहाट जिले के पंचबीबी में बीएनपी की युवा इकाई जुबो दल के 31 वर्षीय कार्यकर्ता यानुल हुसैन की हत्या कर दी गई। हमले में उनका 22 वर्षीय छोटा भाई अब्दुल मोमिन भी गंभीर रूप से जख्मी हो गया। स्थानीय मीडिया के अनुसार, प्रतिद्वंद्वियों ने दोनों पर हमला बोला। यानुल को महिपुर स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
पंचबीबी थाना प्रभारी हाफिज रायहान ने जांच शुरू होने की पुष्टि की। इससे पहले बुधवार रात ढाका के करवान बाजार में बीएनपी स्वयंसेवक नेता अजीजुर रहमान मोसाब्बिर की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने बशुंधरा सिटी मॉल के पास चाय की दुकान पर फायरिंग की।
12 फरवरी को प्रस्तावित चुनावों से पहले ये घटनाएं देशव्यापी हिंसा की बिगड़ती तस्वीर पेश करती हैं। बीएनपी की चेतावनी से अंतरिम सरकार पर दबाव बढ़ गया है कि वह हिंसा रोकने के लिए कड़े कदम उठाए, वरना लोकतंत्र की नींव हिल सकती है।