
ढाका, 7 फरवरी। बांग्लादेश में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है जब पूर्व मंत्री और अवामी लीग के वरिष्ठ नेता रमेश चंद्र सेन की दिनाजपुर जिला जेल में हिरासत के दौरान मौत हो गई। शनिवार सुबह उनकी तबीयत अचानक बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
स्थानीय मीडिया के अनुसार, सेन को पिछले साल 16 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था और उन पर तीन मामलों में मुकदमे चल रहे थे, जिनमें हत्या का एक केस भी शामिल था। जेल अधीक्षक फरहाद सरकार ने पुष्टि की कि सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद शव परिवार को सौंपा जाएगा।
सेन का जन्म 30 अप्रैल 1940 को ठाकुरगांव के कशलगांव में हुआ था। रंगपुर कारमाइकल कॉलेज से उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद वे राजनीति में सक्रिय हुए और पांच बार सांसद चुने गए। वे जल संसाधन मंत्री भी रह चुके थे।
2024 के छात्र आंदोलन से अवामी लीग सरकार के पतन के बाद उनकी संसदीय सदस्यता समाप्त हो गई। यह घटना जेलों में अवामी लीग नेताओं की लगातार हो रही मौतों की कड़ी बन गई है, जिससे मुहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार पर राजनीतिक दमन के आरोप लग रहे हैं।
आरोपियों और समर्थकों में रोष व्याप्त है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी घटनाओं से देश की अस्थिरता बढ़ सकती है। पारदर्शी जांच और जेल सुधारों की मांग तेज हो गई है, ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदियां न हों।