
ढाका। बांग्लादेश में 12 फरवरी को होने वाले आम चुनावों से चंद दिन पहले राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। कट्टरपंथी जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले 11 दलों के गठबंधन में बड़ा टूट फूट का ऐलान हो गया। प्रमुख सहयोगी इस्लामी आंदोलन बांग्लादेश (आईएबी) ने सीट बंटवारे के मुद्दे पर गठबंधन से किनारा कर लिया।
शुक्रवार को ढाका में पार्टी मुख्यालय पर आईएबी के प्रवक्ता गाजी अताउर रहमान ने मीडिया से कहा कि वे किसी के भरोसे राजनीति नहीं करेंगे। पार्टी 300 में से 268 सीटों पर स्वतंत्र रूप से उम्मीदवार उतारेगी। उन्होंने बताया कि 270 नामांकनों में से 268 वैध हैं और कोई नाम वापस नहीं लेगा।
यह फैसला तब आया जब गठबंधन ने 253 सीटों का बंटवारा घोषित किया, जिसका आईएबी ने बहिष्कार किया। रहमान ने आरोप लगाया कि सीट शेयरिंग में अन्याय हुआ और जमात का रवैया मनमाना रहा। गठबंधन इस्लामी सिद्धांतों से भटक गया है।
29 दिसंबर को नामांकन की अंतिम तारीख पर बातचीत विफल होने से दोनों पक्षों ने भारी भरकम नामांकन दाखिल किए। चुनाव आयोग के अनुसार जमात ने 276 और आईएबी ने 268 सीटों पर पर्चे भरे। तीन माह की मशक्कत के बाद बने इस गठबंधन में अब दरार साफ दिख रही है।
विश्लेषकों का मानना है कि वोटों का बंटवारा सत्ताधारी दलों के हित में जा सकता है। चुनावी माहौल गरमाता जा रहा है, जिसमें असली फायदा किसे मिलेगा, यह तो वोट गिनती के बाद ही पता चलेगा।