
क्वेटा। पाकिस्तान के बलूचिस्तान में बेरोजगार फार्मासिस्टों ने प्रांतीय सरकार की भर्ती प्रक्रिया पर तीखा प्रहार किया है। अनएम्प्लॉयड फार्मासिस्ट्स एक्शन कमेटी ने 2,000 से ज्यादा योग्य फार्मासिस्टों के लिए महज कुछ सीमित पदों की पेशकश को अपमानजनक करार दिया।
बुधवार को क्वेटा प्रेस क्लब में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में कमेटी के महासचिव कासिम अजीज मेंगल ने सरकार के इस कदम को पूरी तरह खारिज करते हुए अधिक पदों के सृजन और पारदर्शी, मेरिट आधारित चयन की मांग की। उन्होंने बीपीएस-17 के पदों पर वॉक-इन इंटरव्यू को सिफारिशी और चहेतों को लाभ पहुंचाने का जरिया बताया।
स्वास्थ्य विभाग में मेरिट की अनदेखी और पारदर्शिता की कमी पर उन्होंने गहरी नाराजगी जताई। निजी अस्पतालों में फार्मेसी विभागों की कमी और वहां फार्मासिस्टों की नियुक्ति न होने पर भी चिंता व्यक्त की। हालिया संविदा भर्ती के विज्ञापन की भी कड़ी आलोचना की गई।
इसी बीच, मंगलवार को क्वेटा में दर्जनों सरकारी कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया, जब पुलिस ने रेड जोन में धरना रोक दिया। ये कर्मचारी डिस्पैरिटी रिडक्शन अलाउंस की मांग कर रहे थे। विरोध के दौरान मोबाइल इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी गईं।
बलूचिस्तान के विभिन्न हिस्सों से कर्मचारी क्वेटा पहुंचे थे, जिससे कई सरकारी दफ्तरों का काम ठप हो गया। प्रशासन ने प्रमुख रास्तों पर कंटेनर लगाकर रेड जोन सील कर दिया था। प्रेस क्लब के बाहर जमा होने पर गिरफ्तारियां हुईं और बलूचिस्तान ग्रैंड एलायंस ने ‘जेल भरो’ अभियान शुरू करने का ऐलान किया।
ये घटनाएं प्रांत में रोजगार नीतियों और प्रशासनिक कमियों को उजागर करती हैं, जो व्यापक असंतोष को जन्म दे रही हैं।