
क्वेटा। पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में सरकारी कर्मचारियों ने असमानता न्यूनीकरण भत्ता (डीआरए) और अन्य मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन की तीव्रता बढ़ा दी है। बलूचिस्तान एम्प्लॉयी ग्रैंड अलायंस (बेगा) से संबद्ध कर्मियों ने क्वेटा और खुजदार में विशाल रैलियां आयोजित कीं, जहां उन्होंने प्रांतीय सरकार से तत्काल समाधान की गुहार लगाई।
क्वेटा के बचा खान चौक से शुरू हुई रैली सिटी पुलिस स्टेशन तक पहुंची, जहां प्रदर्शनकारियों ने धरना शुरू कर दिया। सरकार की ओर से मांगें पूरी न होने पर नारेबाजी तेज हो गई। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, 11 कर्मचारियों ने स्वयं गिरफ्तारी दे दी, जो उनके दृढ़ संकल्प को दर्शाता है।
खुजदार में भी भारी संख्या में कर्मचारी सड़कों पर उतरे। जिला अध्यक्ष असलम नोटानी, एपीसीए कलात डिवीजन के मंजूर नौशाद, महासचिव असलम जेहरी, पैरामेडिकल एसोसिएशन के राशिद अहमद गुलामानी और राशिदा जेहरी के नेतृत्व में यह आंदोलन चला। विभिन्न विभागों के कर्मियों ने देरी पर गहरी नाराजगी जताई।
इससे पूर्व 22 जनवरी को अनएम्प्लॉयड फार्मासिस्ट्स एक्शन कमेटी (यूपीएसी) ने 2,000 से अधिक बेरोजगार फार्मासिस्टों के लिए न्यूनतम पदों की घोषणा की कड़ी आलोचना की। इसे अपमानजनक बताते हुए महासचिव कासिम अजीज मेंगल ने क्वेटा प्रेस क्लब में अधिक नियुक्तियां, पारदर्शी भर्ती और मेरिट आधारित प्रक्रिया की मांग की।
मेंगल ने बीपीएस-17 पदों पर वॉक-इन इंटरव्यू को पक्षपाती करार दिया और स्वास्थ्य विभाग में पारदर्शिता की कमी पर चिंता जताई। निजी अस्पतालों में फार्मेसी विभागों की अनुपस्थिति तथा संविदा भर्ती के विज्ञापनों की भी निंदा की।
20 जनवरी को क्वेटा के रेड जोन में डीआरए धरने को पुलिस ने रोका, दर्जनों गिरफ्तारियां हुईं और मोबाइल इंटरनेट बंद कर दिया गया। कंटेनरों से रास्ते अवरुद्ध होने के बावजूद कर्मचारी प्रेस क्लब पर जुटे, जहां उन्हें खदेड़ा गया। कई सरकारी कार्यालय प्रभावित हुए।
ये प्रदर्शन बलूचिस्तान के कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं को उजागर करते हैं। सरकार को शीघ्र वार्ता कर समाधान निकालना होगा, वरना आंदोलन और व्यापक हो सकता है।