
क्वेटा। बलोच यकजाहीती कमेटी की प्रमुख नेता और मानवाधिकार कार्यकर्ता सम्मी दीन बलोच ने पाकिस्तान पर बलूचिस्तान में बलोच पहचान को मिटाने की साजिश रचने का गंभीर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि राज्य को बलोच प्रतिरोध से नहीं, बल्कि बलोच अस्तित्व से ही आपत्ति है।
सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट में उन्होंने लिखा कि पाकिस्तानी प्रशासन बलोचों को दुश्मन मानता है। इसी सोच से पुरुष, महिलाएं, युवा, बुजुर्ग और नाबालिग बच्चे तक जबरन गायब किए जा रहे हैं या हत्या कर दी जा रही है।
बलोच ने आतंकवाद के बहाने को पर्दा बताया, जिसके पीछे राज्य अपनी नीतियों को जायज ठहराता है। उन्होंने सवाल किया कि निहत्थी महिलाओं, गर्भवती माताओं और 13 साल के बच्चों को गायब करना किस आतंकवाद-रोधी कार्रवाई का हिस्सा है?
जब बलूचिस्तान में नरसंहार की बात उठती है, तो उसे झूठा प्रचार कह दिया जाता है। सम्मी दीन ने कहा कि बलोच पहचान को बिना भेदभाव मिटाने की कोशिश ही सबसे बड़ा नरसंहार है।
उन्होंने पाकिस्तानी सत्ता की कड़ी निंदा की। सभ्य देश युद्ध में भी महिलाओं-बच्चों को बचाते हैं, लेकिन यहां सत्ता में न सभ्यता बची, न इंसानियत। कानून कागजों तक सीमित हैं।
बलूचिस्तान लंबे अत्याचारों से जूझ रहा है। मौत के दस्ते जबरन गुमशुदगी, हत्याओं और हिरासतों से बलोचों को निशाना बना रहे हैं। सम्मी दीन का यह बयान बलूच संघर्ष को नई दिशा दे रहा है।