
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा पर तनाव चरम पर पहुंच गया है। पाकिस्तान ने हाल ही में नंगरहार और पक्तिका प्रांतों के आबादी वाले इलाकों पर हवाई हमले किए, जिसमें एक मदरसा और कई घर तबाह हो गए। इन हमलों में महिलाओं व बच्चों सहित कई निर्दोष नागरिक मारे गए और घायल हुए।
अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने इसकी कड़ी निंदा की, तो बलूच नेशनल मूवमेंट (बीएनएम) ने पाकिस्तान की कार्रवाई को अफगान संप्रभुता पर हमला करार दिया। संगठन ने प्रभावित अफगान परिवारों के प्रति एकजुटता जताई और अफगानिस्तान के आत्मरक्षा के अधिकार का समर्थन किया।
बीएनएम के अनुसार, पिछले 79 वर्षों से पाकिस्तान की विस्तारवादी नीतियां क्षेत्रीय अस्थिरता का कारण बनी हुई हैं। उन्होंने बलूचिस्तान पर कब्जे का आरोप लगाते हुए कहा कि पंजाबी वर्चस्व ने आजादी छीन ली है और दबे हुए राष्ट्र अपने अस्तित्व के लिए लड़ रहे हैं।
पाकिस्तान आंतरिक राजनीतिक व सामाजिक संकटों से जूझ रहा है, सेना का दमन जारी है, फिर भी पड़ोसियों पर जिम्मेदारी थोप रहा है। इससे क्षेत्र में युद्ध जैसा वातावरण बन रहा है। बीएनएम ने पाकिस्तानी सेना को खतरा बताते हुए अफगानिस्तान-बलूचिस्तान की एकता पर बल दिया।
पिछले युद्धविराम की असफलता के बाद यह घटना शांति प्रयासों को झटका है, जिससे दक्षिण एशिया में अस्थिरता बढ़ सकती है।