
बाकू। अजरबैजान ने ईरान के साथ लगी सीमा को माल ढुलाई के लिए पुनः खोल दिया है। यह कदम नखिचेवन में कथित ड्रोन हमलों के बाद उठाए गए बंदी के एक हफ्ते बाद आया है। इस सीमा का महत्व इसलिए भी अधिक है क्योंकि यह नखिचेवन स्वायत्त क्षेत्र को मुख्य अजरबैजान और रूस से जोड़ने वाला सबसे छोटा रास्ता है।
पिछले सप्ताह अजरबैजान ने सीमा बंद करने का ऐलान किया था। सरकारी बयान में कहा गया कि 5 मार्च को एक ड्रोन ने नखिचेवन हवाई अड्डे की टर्मिनल इमारत पर हमला किया, जबकि दूसरा शकराबाद गांव के एक स्कूल के निकट गिरा। इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का स्पष्ट उल्लंघन बताते हुए ईरान से तत्काल स्पष्टीकरण और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने की मांग की गई।
ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने अपने अजरबैजानी समकक्ष इल्हाम अलीयेव से टेलीफोन पर चर्चा की। अलीयेव कार्यालय के अनुसार, पेजेशकियान ने आश्वासन दिया कि तेहरान का इसमें कोई हाथ नहीं है और जांच चल रही है। ईरानी राजदूत को भी तलब कर कड़ा विरोध दर्ज कराया गया था।
अजरबैजान ने जवाबी कार्रवाई का अधिकार भी सुरक्षित रखा। मध्य पूर्व संघर्ष में तटस्थ रहते हुए भी इसने इजरायल और ट्रंप प्रशासन से निकटता बढ़ाई है, जबकि काकेशस में पुराने सहयोगी मॉस्को से दूरी बना ली। देश में कोई अमेरिकी सैन्य अड्डा नहीं है।
ईरान में 1.5 से 2 करोड़ अजेरी आबादी रहती है, जो उत्तर-पश्चिमी प्रांतों में बसी है। यह सांस्कृतिक जुड़ाव दोनों देशों के रिश्तों को जटिल बनाता है। सीमा खुलने से व्यापारिक गतिविधियां बहाल होंगी, लेकिन ड्रोन घटना की जांच का इंतजार बाकी है। स्थिरता के लिए दोनों को सतर्क रहना होगा।