
ईंधन कीमतों में उछाल और आपूर्ति की किल्लत से निपटने के लिए ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। देश में ईंधन की गुणवत्ता मानकों में 60 दिनों के लिए ढील दी गई है, जिससे बाजार में उच्च सल्फर युक्त ‘गंदा ईंधन’ उपलब्ध होगा। इससे हर महीने करीब 10 करोड़ लीटर अतिरिक्त ईंधन की सप्लाई सुनिश्चित होगी, जो उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देगी।
ऊर्जा मंत्री क्रिस बोवेन ने संसद में इसकी जानकारी दी। सामान्यतः ऑस्ट्रेलिया में सल्फर की सख्त सीमा होती है ताकि पर्यावरण और वाहनों को नुकसान न पहुंचे। लेकिन ईरान से जुड़े वैश्विक तनाव के कारण सप्लाई चेन प्रभावित हुई है, इसलिए यह अस्थायी उपाय अपनाया गया।
रिफाइनरियों को अब अधिक सल्फर वाले ईंधन का उत्पादन और वितरण करने की छूट मिलेगी, जिससे उत्पादन क्षमता बढ़ेगी। इससे परिवहन, उद्योग और आम लोग लाभान्वित होंगे, क्योंकि कीमतें नियंत्रित रहेंगी।
सरकार ने स्पष्ट किया कि 60 दिन बाद पुराने मानक बहाल हो जाएंगे। इस दौरान पर्यावरण और स्वास्थ्य पर निगरानी रखी जाएगी। यह कदम ऊर्जा संकट से निपटने की दिशा में महत्वपूर्ण है।