एयू की चेतावनी: मध्य पूर्व संघर्ष से अफ्रीकी अर्थव्यवस्था को गहरा नुकसान
अफ्रीकी संघ (एयू) ने मध्य पूर्व में तेज होते तनाव को अफ्रीका की अर्थव्यवस्थाओं के लिए बड़ा खतरा बताया है। संयुक्त राष्ट्र के अफ्रीका आर्थिक आयोग, अफ्रीकी विकास बैंक और संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम...

अफ्रीकी संघ (एयू) ने मध्य पूर्व में तेज होते तनाव को अफ्रीका की अर्थव्यवस्थाओं के लिए बड़ा खतरा बताया है। संयुक्त राष्ट्र के अफ्रीका आर्थिक आयोग, अफ्रीकी विकास बैंक और संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम के साथ जारी संयुक्त रिपोर्ट में चेताया गया है कि जहाजरानी मार्गों, ऊर्जा और खाद आपूर्ति में बाधाएं विकास को पटरी से उतार सकती हैं।
कोविड के बाद कई देश अभी भी पुरानी गति हासिल नहीं कर पाए। यदि संघर्ष छह माह से अधिक चले, तो 2026 में जीडीपी वृद्धि में 0.2 प्रतिशत की गिरावट आ सकती है। व्यापार पहले ही प्रभावित हो चुका है, ईंधन-खाद्य पदार्थों की महंगाई बढ़ रही है। जहाज भाड़ा, बीमा, मुद्रा दबाव और राजकोषीय तंगी स्थिति बिगाड़ रही हैं, खासकर गरीब परिवारों पर।
अफ्रीका के 15.8 प्रतिशत आयात और 10.9 प्रतिशत निर्यात मध्य पूर्व से जुड़े हैं। खाड़ी के प्राकृतिक गैस पर निर्भर खाद उत्पादन (अमोनिया-यूरिया) प्रभावित हो रहा है, मार्च-मई की फसल मौसम में खाद महंगी हो जाएगी।
खाद्य मूल्य वृद्धि से भोजन सुरक्षा खतरे में। राजनीतिक रूप से सूडान, सोमालिया, लीबिया जैसे देशों में बाहरी हस्तक्षेप बढ़ सकता है।
समाधान में ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करना, व्यय नियंत्रण, अफ्रीकी मुक्त व्यापार क्षेत्र को गति देना और आर्थिक उपाय जरूरी।


