वाशिंगटन, 6 अप्रैल। नासा के आर्टेमिस II मिशन पर सवार अंतरिक्ष यात्री क्रिस्टीना कोच, रीड वाइजमैन, विक्टर ग्लोवर और जेरेमी हैनसेन ने ओरियन कैप्सूल की खिड़की से चंद्रमा को निहारने का रोमांचक अनुभव साझा किया है। रविवार को अमेरिकी मीडिया एनबीसी से बातचीत में कोच ने बताया कि अंतरिक्ष से चांद धरती से बिल्कुल अलग प्रतीत होता है।

उन्होंने कहा, ‘जो चांद हम पृथ्वी से देखते हैं, वहां कुछ समझ में आता है जो सही नहीं लगता। चांद का काला हिस्सा सही जगह पर नहीं दिखता।’ कोच ने स्पष्ट किया कि यह वही चांद का दूर का हिस्सा है, जिसे पहले अंतरिक्ष यात्री देख चुके हैं, लेकिन निकटता इसे नया रूप देती है।
क्रू ने ट्रेनिंग सामग्री की समीक्षा कर वास्तविक दृश्य से तुलना की। इस तरह उन्होंने अपरिचित नजारे को समझा। ओरियन के 16.5 फीट चौड़े आंतरिक भाग में सभी सहज हैं, कैंपर वैन जैसी जगह है।
कोच बोलीं, ‘यहां इंसान होना सबसे रोचक है।’ चांद की शोभा देखकर मोजे बदलने की सोच – मानव अंतरिक्ष यात्रा का मजेदार पहलू। मिशन 10 अप्रैल को प्रशांत महासागर में समाप्त होगा। नासा का लक्ष्य 2028 में चंद्र दक्षिणी ध्रुव पर लैंडिंग और स्थायी आधार।
