
ह्यूस्टन के जॉनसन स्पेस सेंटर में ऐतिहासिक लम्हा देखने को मिला जब नासा के आर्टेमिस II मिशन के चारों अंतरिक्ष यात्री सुरक्षित लौटे। रीड वाइजमैन, विक्टर ग्लोवर, क्रिस्टीना कोच और जेरेमी हैनसेन ने 10 दिनों की चंद्र कक्षा यात्रा पूरी की और यहां प्रशासक जेरेड इसाकमैन के स्वागत में पहुंचे। इसाकमैन ने इसे मानव इतिहास का सबसे बड़ा साहसिक कार्य करार दिया।
परिवारों से पहली मुलाकात ने भावुक माहौल बनाया। वाइजमैन ने कहा, ‘हम चारों हमेशा के लिए एक हैं। पृथ्वी से 2 लाख मील दूर का अनुभव अद्भुत था। लॉन्च का सपना ऊपर पहुंचते ही परिवार की यादों में बदल गया। इंसान होना और धरती पर रहना अनमोल है।’
कोच ने दल की एकजुटता पर जोर दिया, ‘हम हर पल एक लक्ष्य के लिए साथ थे, चुपचाप त्याग करने को तैयार, दया और जिम्मेदारी दिखाते हुए। ओरियन की खिड़की से छोटी दिखी पृथ्वी ने एहसास दिलाया- हम सब एक क्रू हैं।’
हैनसेन ने ‘जॉय ट्रेन’ का जिक्र किया, ‘खुशी का सैलाब था। हम जल्दी वापसी के लिए प्रतिबद्ध।’ भावुक होकर बोले, ‘हमें गौरव मिलता है योगदान से। हमें देखकर खुद को पहचानें।’
ग्लोवर ने हंसी बिखेरी, ‘अभी मिशन समझ नहीं आया, लेकिन भगवान का शुक्रिया। परिवार, नेतृत्व और टीम का धन्यवाद।’ यह वापसी नई पीढ़ी को प्रेरित करेगी।

