
काबुल। अफगानिस्तान के नंगरहार और पक्तिका प्रांतों में पाकिस्तान के हवाई हमलों से निर्दोष नागरिकों की जान गई, जिसकी कड़ी निंदा करते हुए एमनेस्टी इंटरनेशनल ने स्वतंत्र और गहन जांच की मांग की है। ये हमले 21 और 22 फरवरी को हुए, जिसमें महिलाओं व बच्चों समेत कम से कम 13 लोग शहीद हो गए और सात अन्य घायल हुए।
संयुक्त राष्ट्र की सहायता मिशन यूनामा ने नंगरहार के बहसूद व खोगियानी जिलों में रात 11:15 बजे पाकिस्तानी विमानों द्वारा किए गए हमलों का जिक्र किया। पक्तिका के बरमल में स्कूल व मस्जिद को निशाना बनाया गया, जबकि ओरगुन जिले में एक मकान तबाह कर दिया गया।
एमनेस्टी ने बयान जारी कर कहा कि नागरिक हताहतों की इन रिपोर्टों की निष्पक्ष जांच जरूरी है। संगठन ने संघर्षरत सभी पक्षों से अंतरराष्ट्रीय कानून के पालन की अपील की, ताकि आम लोगों को नुकसान न पहुंचे।
यह पहला मामला नहीं है। अक्टूबर-दिसंबर 2025 में भी यूनामा ने पाकिस्तानी सेना को 70 नागरिकों की मौत व 478 घायलों का जिम्मेदार ठहराया था। अफगान रक्षा मंत्रालय ने इन हमलों को संप्रभुता का उल्लंघन बताते हुए कड़ी चेतावनी दी है।
मंत्रालय के अनुसार, मदरसा व घरों पर हमले पाकिस्तान की खुफिया नाकामी को उजागर करते हैं। यूनामा ने भी हमलों की भर्त्सना की और शत्रुता समाप्त करने का आह्वान किया। क्षेत्रीय तनाव के बीच एमनेस्टी की यह मांग महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।