
अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीमा पर तनाव चरम पर पहुंच गया है। अफगान राष्ट्रीय रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार को खुलासा किया कि पाकिस्तानी हमलों के जवाब में अफगान सेना ने डूरंड लाइन पार कर जवाबी कार्रवाई की, जिसमें 55 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए। साथ ही दो सैन्य बेस और 19 चौकियों पर कब्जा कर लिया गया।
पाकिस्तान ने पहले नंगरहार और पक्तिका प्रांतों में हवाई हमले किए थे, जिसमें महिलाएं-बच्चे समेत कई निर्दोष नागरिक मारे गए। तालिबान सरकार ने इसे बर्बरता करार देते हुए सैन्य जवाब की चेतावनी दी थी। गुरुवार रात चार घंटे चली इस लड़ाई में अफगान सैनिकों ने पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी दिशाओं में पाकिस्तानी ठिकानों को नेस्तनाबूद कर दिया।
मंत्रालय के अनुसार, दर्जनों हथियार, गोला-बारूद, एक टैंक नष्ट और एक ट्रांसपोर्ट वाहन कब्जे में लिया गया। अफगान पक्ष को आठ सैनिक शहीद और 11 घायल हुए। नंगरहार के शरणार्थी शिविर पर पाक मिसाइल से 13 नागरिक जख्मी हो गए।
तालिबान प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने अल अरबिया को दिए साक्षात्कार में कहा कि पाकिस्तान को उसके कुकृत्यों का जवाब मिलना ही है। उन्होंने पाक के उग्रवादी टारगेट करने के दावे को खारिज किया और अफगान मिट्टी के दुरुपयोग की अनुमति न देने की बात दोहराई।
यह घटना दोनों देशों के बीच पुराने विवादों को फिर उभार रही है। पाकिस्तान मिलिटेंट्स पर हमला करने का दावा करता है, लेकिन अफगानिस्तान इसे आम लोगों पर आक्रमण बताता है। सीमा पर तनाव बढ़ने से क्षेत्रीय शांति पर संकट गहरा गया है।