
मास्को। रूस और जापान के बीच विवादित कुरील द्वीप समूह में मंगलवार को 6.3 तीव्रता का जोरदार भूकंप आया। यूएस जीएसटी के अनुसार, यह भूकंप स्थानीय समयानुसार शाम 6:34 बजे 45 किलोमीटर की गहराई पर दर्ज किया गया। केंद्र जापान के असाहिकावा से करीब 545 किलोमीटर पूर्व में 44.6 उत्तरी अक्षांश और 149.1 पूर्वी देशांतर पर था।
यह क्षेत्र प्रशांत महासागर के ‘रिंग ऑफ फायर’ का हिस्सा है, जहां टेक्टोनिक प्लेटों की टक्कर से भूकंप और ज्वालामुखी बार-बार सक्रिय होते हैं। सुखद खबर यह है कि सुनामी का कोई खतरा नहीं है। यूएसजीएस ने हताहतों और आर्थिक क्षति के लिए हरा अलर्ट जारी किया, यानी नुकसान की संभावना न्यूनतम है।
द्वीपसमूह में करीब 2 हजार लोग रहते हैं, जिनके घर मध्यम तीव्रता के झटकों को सहन करने योग्य हैं। हालांकि कुछ पुरानी कंक्रीट इमारतें जोखिम भरी हैं। याद रहे, गत वर्ष 30 जुलाई को यहां 8.7 तीव्रता का दुनिया के छठे सबसे शक्तिशी भूकंप आया था, लेकिन रूस में कोई हादसा नहीं हुआ। उसके बाद 100 से अधिक 4.4 या अधिक तीव्रता के झटके महसूस हो चुके हैं।
कुरील और कमचटका पृथ्वी के सबसे भूकंपीय इलाकों में शुमार हैं। 1952 में कमचटका में 9.0 का विनाशकारी भूकंप आया था। अभी तक इस भूकंप से कोई जानमाल की हानि की सूचना नहीं मिली है। क्षेत्र की जियोलॉजिकल अस्थिरता को देखते हुए सतर्कता बरतना जरूरी है।