
अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीमा पर तनाव चरम पर पहुंच गया है। पूर्वी प्रांत खोस्त और पक्तिका में हुई झड़पों में कम से कम 19 लोगों की जान चली गई, जिनमें अधिकांश महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। 26 अन्य घायल बताए जा रहे हैं। अफगान उपप्रवक्ता हमदुल्ला फितरत ने इसकी पुष्टि की है।
दूसरी ओर, तालिबान प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने पाकिस्तान में सक्रिय एक ‘विशेष समूह’ को क्षेत्र अस्थिर करने का जिम्मेदार ठहराया। कंधार में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने पड़ोसी देशों से उपद्रवियों को रोकने की अपील की और अफगान सेना के पाक सैन्य ठिकानों पर सटीक हमलों की सराहना की।
पाकिस्तान ने गुरुवार रात काबुल, कंधार और पक्तिया में हवाई हमले किए, जिसमें 13 अफगान सैनिक शहीद और 22 घायल हुए। जवाब में अफगान वायुसेना ने शुक्रवार सुबह इस्लामाबाद, नौशेरा, जमरूद और एबटाबाद के सैन्य अड्डों को निशाना बनाया। फितरत ने सोशल मीडिया पर इन हमलों को सफल बताया।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, सीमा पर जवाबी कार्रवाई में 55 पाक सैनिक मारे गए, 19 पोस्ट और दो बेस पर कब्जा हो गया। अफगान पक्ष को आठ शहीद और 11 घायल होने पड़े। पहले नंगरहार के शरणार्थी शिविर पर पाक हमले में 13 नागरिक जख्मी हुए थे।
मुजाहिद ने शांति वार्ता की इच्छा जताई लेकिन पाकिस्तान की अड़ियल रवैये की आलोचना की। उन्होंने पाक विमानों के अफगान हवाई क्षेत्र में घुसपैठ का भी जिक्र किया। पाक मीडिया के मुताबिक, उन्होंने ‘ऑपरेशन गजब लिल-हक’ चलाकर जवाब दिया।
ये घटनाक्रम क्षेत्रीय अस्थिरता को बढ़ावा दे रहे हैं। नागरिकों पर सबसे ज्यादा असर पड़ रहा है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय को तत्काल हस्तक्षेप की जरूरत है।