
मिनेसोटा के प्रमुख शहर मिनियापोलिस में आप्रवासन एवं सीमा शुल्क प्रवर्तन (आईसीई) की कार्रवाइयों के खिलाफ छिड़े हंगामे में शुक्रवार को 12 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोप है कि उन्होंने कानून प्रवर्तन अधिकारियों पर हमला बोला। होमलैंड सिक्योरिटी विभाग (डीएचएस) ने सोशल मीडिया एक्स पर इसकी पुष्टि की।
ये प्रदर्शन आईसीई एजेंटों से जुड़ी लगातार गोलीबारी की घटनाओं से भड़के हैं। सात जनवरी को एक एजेंट ने 37 वर्षीय रेनी गुड को गोली मार दी, जिससे पूरे अमेरिका में आक्रोश फैल गया। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि गुड ने अपनी गाड़ी से अधिकारियों को कुचलने की कोशिश की, लेकिन स्थानीय वीडियो से एजेंट की लापरवाही उजागर हुई।
बुधवार को एक अन्य घटना में आईसीई एजेंट ने वेनेजुएला नागरिक के पैर में गोली चलाई। एजेंट ने गिरफ्तारी के दौरान हमले का हवाला दिया। पिछले पांच सप्ताह में मिनेसोटा में आईसीई ने 2500 से अधिक गिरफ्तारियां कीं, जबकि 3000 संघीय अधिकारी तैनात किए गए।
शुक्रवार को बिशप हेनरी व्हिपल फेडरल बिल्डिंग के बाहर सैकड़ों लोग जमा रहे। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर डेमोक्रेट नेताओं को कोसा। उन्होंने कहा कि राज्यपाल और मेयर हालात संभालने में नाकाम हैं। ट्रंप ने हस्तक्षेप की धमकी दी और गुरुवार को इंसरेक्शन एक्ट लागू करने का संकेत दिया था।
मेयर जैकब फ्रे ने चिंता जताई कि शहर की स्थिति लंबे समय तक बरकरार नहीं रह सकती। ये घटनाएं अमेरिका में आप्रवासन नीति, पुलिस कार्रवाई और लोकतांत्रिक अधिकारों पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। आने वाले दिनों में तनाव और बढ़ सकता है।
