
पाकिस्तान के अशांत खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के बाजौर जिले में अफगानिस्तान सीमा के करीब एक संयुक्त चेकपोस्ट पर आत्मघाती कार बम हमला होने से कम से कम 11 सुरक्षाकर्मियों की मौत हो गई। पाकिस्तानी सेना की मीडिया विंग आईएसपीआर ने 16 फरवरी की इस घटना की पुष्टि की है।
फ्रंटियर कॉर्प्स की इस चौकी पर विस्फोटकों से भरी गाड़ी ने हमला बोला, जो एक पुरानी धार्मिक संस्था की इमारत में बनी थी। धमाके ने पूरा भवन मलबे में तब्दील कर दिया। रात के अंधेरे में स्थानीय लोग टॉर्च की रोशनी में शव और घायलों को निकालते दिखे, जैसा कि सोशल मीडिया वीडियो में कैद हुआ।
धमाके की ताकत इतनी थी कि पास के एक घर में मौजूद बच्चे की जान चली गई और तीन अन्य गंभीर रूप से जख्मी हो गए। आसपास के कई मकानों को भारी नुकसान पहुंचा। अधिकारियों का अनुमान है कि नागरिकों की संख्या बढ़ सकती है।
हाल के दिनों में पाकिस्तान में ऐसी घटनाएं बढ़ी हैं। इस्लामाबाद की मस्जिद में बम विस्फोट से दर्जनों की मौत हुई। सोमवार को बन्नू के मिरयान पुलिस स्टेशन के पास मोटरसाइकिल बम फटा, जिसमें दो नागरिक—including एक बच्चा—मारे गए और 14 घायल।
7 फरवरी को बन्नू में पुलिस पर दो हमले हुए, दो जवान घायल। पाकिस्तान इंस्टीट्यूट फॉर पीस स्टडीज की 2025 रिपोर्ट के अनुसार, इस साल 699 हमले हुए—2024 से 34% ज्यादा। 1034 मौतें और 1366 घायल। कुल हिंसा की घटनाएं 1124 पहुंचीं, जो 43% की बढ़ोतरी है। यह पांचवां साल है जब सुरक्षा स्थिति बिगड़ रही है।
देश को मिलकर इन उग्रवादियों का मुकाबला करना होगा।