
नई दिल्ली के इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में चीनी रोबोट डॉग को लेकर उठा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने यूनिट्री के ‘गो2’ रोबोट को अपना ‘ओरियन’ बताकर हंगामा मचा दिया, वहीं विप्रो लिमिटेड ने भी ऐसा ही एक रोबोट प्रदर्शित किया था। लेकिन कंपनी साफ कर चुकी है कि यह मामला पूरी तरह अलग है।
विप्रो के सूत्रों ने बताया कि कंपनी कभी हार्डवेयर बनाने का दावा नहीं करती। ‘हम सॉफ्टवेयर विशेषज्ञ हैं, पूर्ण रोबोट हमारे पास नहीं है।’ समिट में विप्रो प्रतिनिधि ने ‘टीजे’ नामक एआई रोबोट डॉग दिखाया, जो आपदा प्रभावित क्षेत्रों में मानव की जगह ले सकता है।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि एक्सपो में अनियमितताओं पर तत्काल कार्रवाई हुई है। ‘कई शानदार एआई समाधान पेश हुए, गलत काम वालों पर सख्ती जरूरी है।’ उनका बयान राजनीतिक बहस के बीच आया।
गलगोटिया ने विवाद को बढ़ा-चढ़ाकर बताया, लेकिन विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधा। स्टॉल हटाने के आदेश की खबरें हैं, हालांकि प्रतिनिधि अनभिज्ञता जता रहे हैं। यह घटना भारत के एआई क्षेत्र में पारदर्शिता की जरूरत को रेखांकित करती है।