
वॉशिंगटन। दक्षिण एशिया और दक्षिण-पूर्व एशिया के बीच डिजिटल कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए अमेरिकी ट्रेड एंड डेवलपमेंट एजेंसी (यूएसटीडीए) ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। एजेंसी ने सबकॉन नेक्स मलेशिया के साथ एससीएनएक्स3 समुद्री केबल सिस्टम की व्यवहार्यता अध्ययन के लिए समझौता किया है। यह केबल भारत को सिंगापुर और क्षेत्रीय डेटा हब से जोड़ेगी, जिससे करीब 18.5 अरब लोगों को लाभ मिलेगा।
फ्लोरिडा की एपीटेलीकॉम कंपनी अध्ययन करेगी, जिसमें मार्ग डिजाइन, इंजीनियरिंग, वित्तीय मॉडल, व्यावसायीकरण योजना और नियामक विश्लेषण शामिल है। यूएसटीडीए का उद्देश्य निजी निवेश आकर्षित करना और प्रारंभिक जोखिम घटाना है, ताकि एआई और क्लाउड सेवाओं के लिए क्षमता बढ़े।
एजेंसी के डिप्टी डायरेक्टर थॉमस आर हार्डी ने कहा कि अमेरिकी निर्मित सुरक्षित केबल साइबर हमलों और जासूसी से संवेदनशील डेटा की रक्षा करेंगे। यह परियोजना क्षेत्रीय साझेदारों की प्राथमिकताओं को बढ़ावा देगी और वैश्विक डिजिटल अर्थव्यवस्था में अमेरिका का नेतृत्व मजबूत करेगी।
चेन्नई से सिंगापुर तक प्रस्तावित मार्ग पर मलेशिया, थाईलैंड व इंडोनेशिया में लैंडिंग पॉइंट बनेंगे। मौजूदा नेटवर्क की कमजोरियों—आउटेज और सुरक्षा जोखिम—का सामना करने के लिए यह नया रास्ता डिजिटल पहुंच सुधारेगा।
सबकॉन नेक्स के सीईओ साइमन जेटल ने इसे क्षेत्रीय डिजिटल रीढ़ की मजबूती बताया। उन्होंने कहा कि यह आर्थिक विकास, डिजिटल समावेशन और तेजी से बढ़ते बाजार में एआई-क्लाउड विस्तार को गति देगा। यूएसटीडीए का सहयोग विश्वसनीय तकनीक सुनिश्चित करेगा।
समुद्री केबल वैश्विक इंटरनेट ट्रैफिक का बड़ा हिस्सा ढोते हैं, इसलिए यह परियोजना विदेशी हस्तक्षेप से डेटा प्रवाह की सुरक्षा बढ़ाएगी। अमेरिकी कंपनियों के लिए नए अवसर खुलेंगे, जो पूरे क्षेत्र में भरोसेमंद समाधान प्रदान करेंगी।