
नई दिल्ली में आयोजित एक भव्य एआई शिखर सम्मेलन ने वैश्विक टेक जगत को हिला दिया। माइक्रोसॉफ्ट, एनवीडिया, अमेजन जैसी दिग्गज कंपनियों ने भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर सैकड़ों अरब डॉलर निवेश करने का ऐलान किया। यह घोषणा तब हुई जब दुनिया एआई की दौड़ में तेजी से आगे बढ़ रही है।
अमेजन, माइक्रोसॉफ्ट, मेटा और अल्फाबेट इस साल एआई पर करीब 700 अरब डॉलर खर्च करने को तैयार हैं। भारत के बड़े औद्योगिक घराने भी पीछे नहीं हैं। रिलायंस इंडस्ट्रीज डेटा सेंटर्स पर 110 अरब डॉलर लगाने की योजना बना रही है। अदाणी ग्रुप ने 10 साल में 100 अरब डॉलर के एआई डेटा सेंटर्स की रूपरेखा पेश की।
अमेरिकी कंपनियों ने भी कमाल दिखाया। माइक्रोसॉफ्ट ने ग्लोबल साउथ में 50 अरब डॉलर का निवेश लक्ष्य रखा। ओपनएआई और एएमडी ने टाटा ग्रुप से हाथ मिलाया। ब्लैकस्टोन ने नेयसा में 600 मिलियन डॉलर डाले।
भारत सरकार ने 18 अरब डॉलर के सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी है। अमेरिका के साथ व्यापार समझौते की बातें तेज हैं, जिसमें ‘पैक्स सिलिका’ पर हस्ताक्षर हुए। सम्मेलन में सैम ऑल्टमैन, सुंदर पिचाई, डारियो अमोदेई और डेमिस हासाबिस जैसे नेता मौजूद थे।
एनवीडिया ने भारतीय वेंचर कैपिटल फर्मों से साझेदारी बढ़ाई। ये निवेश भारत को वैश्विक टेक महाशक्ति बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगे, जिससे नौकरियां बढ़ेंगी और नवाचार को नई उड़ान मिलेगी।