
भारत की शीर्ष आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) ने नासिक इकाई में यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों के बाद संबंधित कर्मचारियों को तत्काल निलंबित कर दिया है। कंपनी ने स्पष्ट किया कि शोषण के किसी भी रूप पर उसकी जीरो टॉलरेंस नीति बरकरार है और वह जांच एजेंसियों के साथ पूर्ण सहयोग कर रही है।
यह मामला मार्च में तब सुर्खियों में आया जब एक महिला कर्मचारी ने सहकर्मी पर शादी का झूठा वादा कर शारीरिक शोषण का आरोप लगाया। पुलिस जांच में और शिकायतें सामने आईं, जिसके परिणामस्वरूप नौ एफआईआर दर्ज हुईं। अब तक कम से कम छह कर्मचारियों को गिरफ्तार भी किया जा चुका है।
टीसीएस के आधिकारिक बयान में कहा गया कि शिकायत मिलते ही कार्रवाई शुरू हो गई। निलंबन के बाद आगे की कार्यवाही जांच के नतीजों पर निर्भर करेगी। कंपनी ने अपने पोजिशन को दोहराया कि उत्पीड़न या दबाव किसी भी प्रकार का बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इसे बेहद गंभीर बताते हुए नासिक पुलिस की तारीफ की और विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने का आदेश दिया। धार्मिक परिवर्तन के आरोप भी सामने आए हैं, जो मामले को और जटिल बनाते हैं।
यह घटना आईटी क्षेत्र में कार्यस्थल सुरक्षा पर सवाल खड़े कर रही है। टीसीएस जैसी बड़ी कंपनी के लिए यह प्रतिष्ठा का संकट है, लेकिन कंपनी का त्वरित कदम सकारात्मक संकेत देता है। आगे जांच से पूरी सच्चाई सामने आएगी।

