
नई दिल्ली में इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के चौथे दिन एक यादगार लम्हा देखने को मिला। गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने भारत जीआई कॉफी लाउंज में मालाबार अरेबिका जैसी प्रीमियम कॉफी का स्वाद चखा और जोरदार ‘वॉव!’ कह उठे।
डीपीआईटी द्वारा सजाए गए इस लाउंज ने अराकू से कूर्ग तक की जीआई टैग्ड कॉफी से सबका दिल जीत लिया। पिचाई ने न केवल कॉफी का लुत्फ उठाया, बल्कि बारिस्टा से गपशप की और ग्रुप फोटो भी खिंचवाई। यह स्थान भारत की सांस्कृतिक धरोहर, यूपीआई की सुविधा और एआई की ताकत का अनोखा मेल बन गया।
समिट का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को किया था, जिसमें वैश्विक नेता और उद्योगपति जुटे। पिचाई ने अपने भाषण में भारत की तेज प्रगति की तारीफ की। उन्होंने भारत-अमेरिका कनेक्ट पहल के तहत चार नई समुद्री फाइबर केबल प्रणालियों का जिक्र किया।
एआई में साहसिक कदमों की वकालत करते हुए उन्होंने बताया कि प्रोटीन संरचना भविष्यवाणी की 50 साल पुरानी समस्या अब एआई से हल हो गई है। 190 देशों के 30 लाख शोधकर्ता इसका इस्तेमाल कर मलेरिया जैसे रोगों के लिए टीके बना रहे हैं।
गूगल भारत में 15 अरब डॉलर निवेश कर पूर्ण एआई हब बना रहा है, जो स्वास्थ्य, कृषि और स्टार्टअप्स में क्रांति लाएगा। समिट में 300 से ज्यादा पवेलियन, 600 स्टार्टअप्स और 500 सत्रों ने लोगों, ग्रह और प्रगति पर केंद्रित चर्चाएं कीं। 3250 विशेषज्ञों ने एआई के व्यापक प्रभाव पर विचार साझा किए।
यह समिट भारत को वैश्विक एआई लीडर बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित हुआ, जहां पिचाई का कॉफी अनुभव ने तकनीक को परंपरा से जोड़ा।